प्रयागराज के नैनी औद्योगिक क्षेत्र में बिजली संकट: कटौती और अधिक बिलिंग से उद्यमी परेशान
प्रयागराज के नैनी औद्योगिक क्षेत्र में अनियमित बिजली आपूर्ति और अधिक बिलिंग की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। इस मुद्दे को लेकर उद्यमियों और पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अधिकारियों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें उद्यमियों ने अपनी समस्याओं को खुलकर रखा।
बार-बार ट्रिपिंग से हो रहा लाखों का नुकसान
उप्र राज्य औद्योगिक संघ के अध्यक्ष अरविंद राय ने बैठक में कहा कि दिन में कई बार बिजली ट्रिपिंग की समस्या होती है, जिससे उद्योगों को प्रतिदिन लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए कई बार बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है।
अधिक बिलिंग और प्रक्रियाओं से परेशानी
उद्यमियों ने यह भी आरोप लगाया कि बिजली विभाग द्वारा मनमाने तरीके से अधिक बिल भेजे जा रहे हैं। इसके अलावा लोड बढ़ाने या घटाने जैसी प्रक्रियाओं में भी काफी समय और भागदौड़ करनी पड़ती है, जिससे उद्योगों का संचालन प्रभावित होता है।
जर्जर बिजली ढांचे पर उठे सवाल
नैनी इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव नैय्यर ने क्षेत्र में बिजली ढांचे की खराब स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि कई जगहों पर बिजली के तार ढीले होकर लटक रहे हैं, खंभे झुके हुए हैं और तारों पर पेड़ों की टहनियां लटक रही हैं। यदि इनका समय-समय पर रखरखाव किया जाए, तो ट्रिपिंग जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है।
अधिकारियों ने दिया समाधान का आश्वासन
बैठक में मौजूद अधीक्षण अभियंता केके सारस्वत और आशीष सिन्हा ने उद्यमियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और जल्द समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि उद्योगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर भी कार्य किया जाएगा।
बैठक में ये लोग रहे मौजूद
इस बैठक में अधिशासी अभियंता रचित खन्ना, एसडीओ मदन, जेई मुनेश कुमार सहित कई अधिकारी और उद्यमी मौजूद रहे। उद्यमियों में डॉ. पुनीत अरोरा, नीरज श्रीवास्तव, मनीष शुक्ला, के. खान, सुशील दुबे और मोहित नैय्यर समेत अन्य प्रमुख लोग शामिल हुए।
समाधान की उम्मीद, लेकिन इंतजार जारी
उद्यमियों को उम्मीद है कि इस बार उनकी समस्याओं का समाधान जल्द होगा, हालांकि पिछले अनुभवों को देखते हुए वे अब भी सतर्क हैं। यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो इसका असर क्षेत्र के औद्योगिक विकास पर पड़ सकता है।
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