महराजगंज में युवक की मौत के बाद हंगामा, परिजनों ने दोषियों पर कार्रवाई की उठाई मांग
महराजगंज जिले के कोल्हुई थाना क्षेत्र में एक सप्ताह पहले घायल हुए 25 वर्षीय युवक जितेंद्र की इलाज के दौरान मृत्यु हो जाने के बाद शुक्रवार को गांव में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शव गांव पहुंचा, परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा और उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
संदिग्ध परिस्थितियों में घायल हुआ था युवक
जानकारी के अनुसार, कोल्हुई थाना क्षेत्र के ग्राम इलाहाबास टोला लखनपुर निवासी जितेंद्र 3 अप्रैल की रात गांव में आयोजित शतचंडी महायज्ञ के दौरान रामलीला देखने गया था। परिजनों का आरोप है कि वहां उसकी मुलाकात दो दोस्तों और कोल्हुई थाने पर तैनात एक सिपाही से हुई थी। इसके बाद वह बृजमनगंज थाना क्षेत्र के बाबा चौराहा की ओर बीयर लेने गया, लेकिन फिर वापस नहीं लौटा।
सड़क किनारे गंभीर हालत में मिला
जब काफी देर तक जितेंद्र घर नहीं लौटा, तो उसके दोस्तों और परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान वह लखनपुर में सड़क किनारे गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और उसे तत्काल प्राथमिक उपचार के लिए ले जाया गया।
गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में हुई मौत
घायल अवस्था में जितेंद्र को बाद में मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान गुरुवार शाम उसकी मृत्यु हो गई। युवक की मौत के बाद परिजनों में शोक और आक्रोश दोनों देखने को मिला।
शव पहुंचते ही भड़के परिजन और ग्रामीण
शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचते ही माहौल तनावपूर्ण हो गया। परिजनों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। हियुवा नेता शेषमन यादव के नेतृत्व में ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने दो लोगों को लिया हिरासत में
मामले में पहले ही बृजमनगंज पुलिस द्वारा दो दोस्तों अजय और विजय तथा बीयर विक्रेता प्रदीप के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की गई थी। वहीं कोल्हुई पुलिस ने भी दो लोगों को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
सिपाही पर कार्रवाई न होने से नाराजगी
परिजनों का आरोप है कि उनकी तहरीर में एक सिपाही का नाम भी शामिल था, लेकिन उसके खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसी बात को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है और वे निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
मौके पर पहुंचा पुलिस प्रशासन
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कई थानों की पुलिस को गांव में तैनात किया गया। सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ और सीओ फरेंदा मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर शांत कराया। एहतियात के तौर पर पूरे क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती की गई है।
जांच के आधार पर होगी कार्रवाई
अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ ने बताया कि परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गांव में तनाव, प्रशासन सतर्क
घटना के बाद गांव में अभी भी तनाव का माहौल बना हुआ है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
LATEST NEWS