आगरा के इंद्रा नगर क्षेत्र में दो चचेरे भाइयों को गोली मारकर दहशत फैलाने वाले दो हिस्ट्रीशीटर भाइयों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न थानों में कुल सोलह आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इससे पहले पुलिस इस मामले में छह अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में फैले भय के माहौल में कुछ राहत देखने को मिली है।
घटना 11 जनवरी की रात की है जब शाहगंज थाना क्षेत्र की इंद्रा कॉलोनी में रहने वाले रिटायर्ड दारोगा सुरेंद्र सिंह के बेटे राघवेंद्र और उनके भतीजे सन्नी उर्फ तरुन को हिस्ट्रीशीटरों ने अपने साथियों के साथ मिलकर तमंचे से गोली मार दी थी। दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पुलिस जांच में सामने आया कि यह वारदात मोहल्ले में रहने वाले हिस्ट्रीशीटर विनय प्रताप से जुड़े विवाद के कारण हुई। बताया गया कि दोनों युवकों ने विनय प्रताप के घर का पता एक कोरियर कर्मचारी को बताने से मना कर दिया था जिससे आरोपी पक्ष नाराज हो गया और बदले की नीयत से फायरिंग कर दी गई।
घटना के बाद से सोरों कटरा निवासी हिस्ट्रीशीटर भाई शारिक और सय्यद अनस अली फरार चल रहे थे। शनिवार को शाहगंज पुलिस ने दोनों को उनके घर के पास से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी से बचने के लिए मुख्य आरोपी हिस्ट्रीशीटर विनय प्रताप पहले ही एक पुराने मामले में न्यायालय में पेश होकर जेल चला गया था। यह मामला वर्ष 2016 में एत्मादपुर थाने में दर्ज लूट के मुकदमे से जुड़ा हुआ है।
शाहगंज थाना प्रभारी विरेश पाल गिरि ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के पास से दो तमंचे बरामद किए गए हैं। जांच में सामने आया है कि अनस के खिलाफ नौ और शारिक के खिलाफ सात मुकदमे दर्ज हैं जिनमें लूट डकैती मारपीट और शस्त्र अधिनियम जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी सूरत में अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।
