अंबेडकरनगर जिले के कहरा सुलेमपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय को स्थापना के करीब 70 वर्ष बाद आखिरकार पहुंच मार्ग मिलने जा रहा है। अब तक स्कूल तक कोई पक्का रास्ता न होने के कारण बच्चों अभिभावकों और शिक्षकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। बरसात के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती थी और नौनिहालों के साथ किसी अनहोनी की आशंका बनी रहती थी।
प्राथमिक विद्यालय कहरा सुलेमपुर की स्थापना सात दशक पहले दान में दी गई भूमि पर की गई थी लेकिन तब से लेकर अब तक विद्यालय तक पहुंचने के लिए कोई स्थायी मार्ग नहीं बन सका। खेतों और कच्चे रास्तों से होकर स्कूल पहुंचना मजबूरी था जिससे नियमित पढ़ाई भी प्रभावित होती रही।
इस समस्या को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद दैनिक जागरण की पहल पर जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। जिलाधिकारी के निर्देश पर शनिवार को उप जिलाधिकारी राहुल कुमार गुप्ता राजस्व विभाग की टीम के साथ विद्यालय पहुंचे और ग्रामीणों के साथ मौके पर बैठक की।
बैठक के दौरान ग्रामीण वागीश मिश्रा ने संयुक्त बाग के एक किनारे से रास्ता निकालने का प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव पर बाग के अन्य हिस्सेदारों ने भी सहमति जताई। आपसी सहमति बनने के बाद एसडीएम ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी और ग्रामीणों के सहयोग की सराहना की।
सात दशक बाद विद्यालय को रास्ता मिलने की खबर से पूरे गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि अब बच्चों को स्कूल आने जाने में सुरक्षित और सुगम रास्ता मिलेगा। प्रधान प्रतिनिधि राजित राम ने बताया कि 26 जनवरी से विद्यालय तक पहुंच मार्ग के निर्माण कार्य की शुरुआत की जाएगी।
ग्रामीणों का मानना है कि सड़क बनने से न केवल बच्चों की उपस्थिति बढ़ेगी बल्कि शिक्षकों को भी विद्यालय तक पहुंचने में सहूलियत होगी। लंबे समय से चली आ रही समस्या के समाधान को लेकर गांव के लोग प्रशासन और इस पहल से जुड़े सभी पक्षों के प्रति आभार जता रहे हैं।
