Fri, 05 Dec 2025 14:34:21 - By : Palak Yadav
रामनगरी अयोध्या में छह दिसंबर की तैयारियां शुरू होते ही सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी सतर्कता बढ़ा दी है. वर्ष 1992 में इसी तिथि को रामजन्मभूमि पर स्थित विवादित ढांचा ढहाया गया था. इसके बाद लंबे कानूनी संघर्ष के बाद सुप्रीम कोर्ट ने रामजन्मभूमि के पक्ष में फैसला सुनाया और वर्तमान समय में उसी स्थान पर भव्य राम मंदिर का निर्माण पूरा हो चुका है. हाल ही में ध्वजारोहण समारोह के साथ मंदिर को पूर्णता मिली है, जिसके बाद इस बार छह दिसंबर को लेकर सुरक्षा एजेंसियां और भी सतर्क हो गई हैं. शहर में शुरुआती गतिविधियों से ही सुरक्षा तंत्र हाई अलर्ट मोड में है और किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं लागू की गई हैं.
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने जिले के सभी थानों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं. चार दिसंबर से ही रामनगरी में अतिरिक्त निगरानी शुरू कर दी गई है, जबकि छह दिसंबर तक सुरक्षा घेरा और कड़ा किए जाने की तैयारी है. पुलिस इस दौरान यह सुनिश्चित कर रही है कि सुरक्षा उपायों से आम नागरिकों को कोई असुविधा न हो और दैनिक गतिविधियां सामान्य गति से चलती रहें. शहर के भीतर और बाहर प्रवेश स्थलों पर वाहन चेकिंग जारी है और होटलों, ढाबों, गेस्ट हाउसों और धर्मशालाओं की लगातार जांच की जा रही है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को शुरुआत में ही रोक दिया जाए.
सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी के नेतृत्व में अयोध्याधाम क्षेत्र में पैदल गश्त की जा रही है. राम मंदिर मार्ग तथा अन्य संवेदनशील स्थलों के आसपास पुलिस बल को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं. अधिकारियों का कहना है कि छह दिसंबर के मद्देनजर अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है और किसी भी तरह की अशांति फैलाने की कोशिश पर कठोर कार्रवाई की जाएगी. सुरक्षा एजेंसियों की यह तैयारी दर्शाती है कि प्रशासन इस ऐतिहासिक तिथि पर पूर्ण शांति बनाए रखने के लिए हर स्तर पर प्रयासरत है.