वाराणसी: सदर तहसील में अधिवक्ता-लेखपाल विवाद, पिस्टल दिखाकर धमकी का आरोप, मुकदमा दर्ज

वाराणसी की सदर तहसील में अधिवक्ता व लेखपालों के बीच विवाद, रिश्वत मांगने व पिस्टल से धमकाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।

Thu, 28 Aug 2025 22:30:20 - By : SANDEEP KR SRIVASTAVA

वाराणसी: शिवपुर थाना क्षेत्र के तहसील सदर में गुरुवार की दोपहर करीब ढाई बजे अधिवक्ता और लेखपालों के बीच गंभीर विवाद खड़ा हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि बार के अधिवक्ता नारेबाजी करते हुए आरोपी लेखपाल के निलंबन की मांग करने लगे। घटना की सूचना मिलने पर अधिवक्ताओं ने एसडीएम सदर से शिकायत दर्ज कराई और बाद में बड़ी संख्या में अधिवक्ता शिवपुर थाने पहुंच गए।

पलंग शाहिद, थाना आदमपुर निवासी अधिवक्ता राजनाथ यादव ने पुलिस को दी गई लिखित शिकायत में घटना का विस्तृत ब्योरा दिया है। राजनाथ के अनुसार, वह 28 अगस्त को दोपहर लगभग 2:30 बजे न्यायिक कार्य के लिए सदर तहसील पहुंचे थे। वहां वह नामांतरण से जुड़े धारा 34 के मामले में रिपोर्ट के संबंध में जानकारी लेने गए। इसी दौरान क्षेत्र हटिया के लेखपाल की तलाश में वह कानूनगो क्षेत्र फुलवरिया के कार्यालय पहुंचे।

राजनाथ ने आरोप लगाया कि कार्यालय में मौजूद लेखपाल शिव श्याम से जब उन्होंने रिपोर्ट के बारे में जानकारी मांगी तो उसने उनसे पाँच सौ रुपये की मांग की। अधिवक्ता द्वारा इस मांग पर आपत्ति जताने पर, शिव श्याम और उसके साथ मौजूद दो-तीन लोगों ने उन्हें धक्का देकर कमरे से बाहर निकाल दिया। आरोप है कि इसके बाद विवाद और बढ़ गया और लेखपाल कुंदन सिंह समेत अन्य चार-पाँच लेखपालों को बुलाकर अधिवक्ता पर लाठी-डंडों से हमला किया गया।

शिकायत में अधिवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि झगड़े के दौरान लेखपाल कुंदन सिंह ने पिस्टल निकालकर जान से मारने की धमकी दी। इस बीच उनके जेब से 10,000 रुपये नगद और आवश्यक कागजात भी छीन लिए गए। अचानक हुए इस हमले से तहसील परिसर में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।

घटना की जानकारी मिलते ही तहसील सदर बार एसोसिएशन और सेंट्रल बार एसोसिएशन से जुड़े कई वरिष्ठ अधिवक्ता मौके पर पहुंचे। बार अध्यक्ष रमेश यादव, अध्यक्ष अनूप सिंह, पूर्व महामंत्री विनोद शुक्ला, सेंट्रल बार के पूर्व महामंत्री प्रभात सिंह, अधिवक्ता सुमेंद्र पांडेय, कार्तिकेय यादव और सुमन प्रकाश सिंह समेत दर्जनों अधिवक्ताओं ने थाने का घेराव कर आरोपी लेखपालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

मामले में अधिवक्ताओं का कहना था कि न्यायिक कार्य के दौरान अधिवक्ता पर इस तरह का हमला बेहद गंभीर है और इससे कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आरोपी लेखपालों को तत्काल निलंबित कर कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो अधिवक्ता समुदाय बड़े पैमाने पर आंदोलन करने को बाध्य होगा।

इस बीच, कार्यवाहक थाना प्रभारी प्रदीप कुमार यादव ने अधिवक्ता की शिकायत के आधार पर लेखपाल शिव श्याम, कुंदन सिंह और चार-पाँच अज्ञात आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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