उत्तर प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने एक बड़ी और संगठित कार्रवाई को अंजाम देते हुए अंतरजनपदीय ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स बाराबंकी की टीम ने गोरखपुर में छापेमारी कर छह शातिर ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में करीब 2.35 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थों के साथ लग्जरी वाहन और नकदी बरामद की गई है।
एएनटीएफ बाराबंकी की टीम ने गोरखपुर के गीडा क्षेत्र में गोरखपुर मऊ मुख्य मार्ग पर एकला बाजार स्थित रवि मिष्ठान रेस्टोरेंट के पास घेराबंदी कर यह कार्रवाई की। तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 1.025 किलोग्राम हेरोइन और 770 ग्राम हाइड्रोपोनिक ओएमजी बीड्स बरामद हुई। इसके अलावा एक हुंडई वर्ना और एक टाटा हैरियर कार, सात मोबाइल फोन जिनमें एक आईफोन शामिल है तथा 1,02,514 रुपये नकद जब्त किए गए। बरामद मादक पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 2.35 करोड़ रुपये आंकी गई है।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे बड़हलगंज क्षेत्र के एक व्यक्ति से थोक भाव में हेरोइन और ओएमजी खरीदते थे। इसके बाद इन मादक पदार्थों को छोटी छोटी पुड़ियों में पैक कर अलग अलग जिलों में घूमकर बिक्री की जाती थी। पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी के समय सभी आरोपी आपस में माल की सप्लाई और बिक्री को लेकर रणनीति बना रहे थे, तभी एएनटीएफ टीम ने दबिश देकर उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान शमशाद अहमद, श्याम मोहन यादव और निबा निवासी थाना खजनी गोरखपुर, संतोष पाण्डेय निवासी थाना एकौना देवरिया, जितेन्द्र गुप्ता निवासी गगहा गोरखपुर, राहुल दुबे निवासी तिवारीपुर गोरखपुर और मनोज चौरसिया निवासी बेलीपर के रूप में हुई है। सभी आरोपी अलग अलग जिलों में सक्रिय रहकर ड्रग सप्लाई नेटवर्क को संचालित कर रहे थे।
एएनटीएफ अधिकारियों के मुताबिक पूछताछ में गिरोह के फारवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। नेटवर्क से जुड़े अन्य तस्करों और सप्लायर्स की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए ऐसी कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
