प्रयागराज में माघ मेला अपने चरम पर है और इसी क्रम में वसंत पंचमी स्नान पर्व से ठीक एक दिन पूर्व योगगुरु बाबा रामदेव ने संगम तट पर पहुंचकर आस्था की डुबकी लगाई। प्रयागराज आगमन के बाद उन्होंने गंगा यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम में विधिवत स्नान किया और पूजन अर्चन कर देश और समाज की सुख समृद्धि की कामना की। संगम स्नान के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और साधु संत भी मौजूद रहे जिससे पूरा क्षेत्र धार्मिक वातावरण से सराबोर नजर आया।
स्नान के बाद बाबा रामदेव ने नाव से संगम क्षेत्र की प्राकृतिक छटा का भी आनंद लिया। इस दौरान उन्होंने संगम क्षेत्र में आने वाले साइबेरियन पक्षियों को दाना खिलाया और प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि माघ मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं है बल्कि यह प्रकृति संस्कृति और अध्यात्म का अद्भुत संगम भी है। संगम क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर की गई व्यवस्थाओं को देखकर उन्होंने संतोष जताया।
योगगुरु बाबा रामदेव ने माघ मेला के आयोजन और व्यवस्थाओं को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने माघ मेला के लिए अभूतपूर्व और अद्भुत प्रबंध किए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा सुरक्षा स्वच्छता यातायात और आवास से लेकर हर स्तर पर बेहतर व्यवस्था देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े आयोजन को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करना आसान नहीं होता लेकिन प्रयागराज में सरकार और प्रशासन ने इसे सफलतापूर्वक कर दिखाया है।
माघ मेला में संगम स्नान के बाद बाबा रामदेव पुरी पीठाधीश्वर स्वामी निश्चलानंद से मिलने पहुंचे। वह माघ मेला क्षेत्र के त्रिवेणी मार्ग स्थित शंकराचार्य के शिविर में गए जहां उन्होंने उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। दोनों के बीच धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान सनातन परंपराओं समाज में धर्म की भूमिका और वर्तमान समय में आध्यात्मिक चेतना के महत्व जैसे विषयों पर विचार विमर्श किया गया।
बाबा रामदेव ने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है और युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने संत समाज और धर्मगुरुओं की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया और कहा कि माघ मेला जैसे आयोजन सनातन संस्कृति की जीवंत पहचान हैं। प्रयागराज में उनका यह आगमन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा बल्कि इससे माघ मेला की गरिमा और भी बढ़ी है।
योगगुरु बाबा रामदेव के संगम स्नान और उनके बयानों के बाद माघ मेला को लेकर धार्मिक और सामाजिक हलकों में सकारात्मक संदेश गया है। श्रद्धालुओं में भी उत्साह देखा जा रहा है और वसंत पंचमी स्नान पर्व को लेकर संगम क्षेत्र में आस्था का सैलाब उमड़ने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
