बिहार के बांका जिले में अवैध बालू खनन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस पर हमला होने की गंभीर घटना सामने आई है। टाउन थाना क्षेत्र के लकड़ीकोला गांव में रविवार को पुलिस द्वारा बालू चोरी रोकने के प्रयास के दौरान बालू माफियाओं ने पुलिस वाहन पर पथराव कर दिया। इस हमले में पुलिस की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि एक हवलदार गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद बालू माफिया पुलिस की गिरफ्त से ट्रैक्टर छुड़ाकर मौके से फरार हो गए।
पुलिस के अनुसार गुप्त सूचना के आधार पर टीम अवैध बालू खनन और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई के लिए लकड़ीकोला गांव पहुंची थी। इसी दौरान बालू लदे कई ट्रैक्टरों को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस केवल एक नीले रंग की स्वराज ट्रैक्टर को रोकने में सफल रही, जिसके चालक ने अपना नाम अंकित कुमार यादव बताया। ट्रैक्टर और बालू से संबंधित वैध कागजात नहीं दिखा पाने पर पुलिस ने चालक को हिरासत में लेने की कोशिश की।
इसी दौरान करीब दो दर्जन लोगों की भीड़ अचानक मौके पर पहुंच गई और पुलिस टीम को घेरकर पथराव शुरू कर दिया। पत्थरबाजी में 51 वर्षीय हवलदार नितेश कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी अपनी जान बचाने के लिए इधर उधर भागने को मजबूर हो गए। एक महिला सब इंस्पेक्टर को पास के एक घर में छिपकर अपनी जान बचानी पड़ी।
उग्र भीड़ का फायदा उठाते हुए बालू माफियाओं ने पुलिस के कब्जे से बालू लदा ट्रैक्टर छुड़ा लिया और फरार हो गए। पुलिस टीम किसी तरह वहां से सुरक्षित लौट पाई। घटना की जानकारी मिलते ही टाउन थाना से अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू की गई, हालांकि सभी आरोपी मौके से फरार पाए गए।
घायल हवलदार नितेश कुमार के आवेदन पर सादपुर निवासी अंकित कुमार यादव, श्रवण यादव और लकड़ीकोला निवासी अंगद महतो को नामजद करते हुए कुल 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस वाहन को क्षतिग्रस्त करने, ट्रैक्टर छुड़ाने और जानलेवा हमला करने जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी। अवैध बालू खनन के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
