बसंत पंचमी के पावन अवसर पर Shri Kashi Vishwanath Temple में बाबा विश्वेश्वर का तिलक उत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर मंदिर के शास्त्रियों ने भगवान श्री विश्वेश्वर की पंचबदन प्रतिमा का विधि विधान से पूजन अर्चन किया। वैदिक मंत्रोच्चार और परंपरागत अनुष्ठानों के बीच पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। बसंत पंचमी के दिन आयोजित इस विशेष अनुष्ठान ने श्रद्धालुओं को गहरी आध्यात्मिक अनुभूति कराई और मंदिर में सुबह से ही आस्था का प्रवाह बना रहा।
तिलक उत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और बाबा विश्वेश्वर के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। भक्तों ने पूरे भाव और आस्था के साथ पूजन में सहभागिता की और बसंत पंचमी के धार्मिक महत्व को आत्मसात किया। मंदिर परिसर में अनुशासन और व्यवस्था के बीच दर्शन का क्रम चलता रहा जिससे श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन का अवसर प्राप्त हुआ। पूजन के बाद मंदिर प्रशासन की ओर से प्रसाद का वितरण किया गया जिसे श्रद्धालुओं ने श्रद्धा पूर्वक ग्रहण किया।
इस आयोजन ने न केवल धार्मिक भावना को सुदृढ़ किया बल्कि सामाजिक एकता और आपसी सौहार्द का संदेश भी दिया। अलग अलग स्थानों से आए भक्त एक साथ इस उत्सव का हिस्सा बने और भक्ति के इस अवसर पर एकजुट नजर आए। बसंत पंचमी पर संपन्न हुआ बाबा विश्वेश्वर का तिलक उत्सव श्रद्धा परंपरा और सामूहिक सहभागिता का प्रतीक बनकर सामने आया और काशी की धार्मिक परंपराओं को और अधिक गौरव प्रदान किया।
