बेतिया: फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी करने वाली शिक्षिका पर कार्रवाई, नियोजन रद्द करने की प्रक्रिया शुरू
बेतिया नगर स्थित मध्य विद्यालय सर्वोदय की शिक्षिका उर्मिला कुमारी पर फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी करने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। निगरानी जांच में उनका मैट्रिक अंकपत्र फर्जी पाए जाने के बाद उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है और अब उनके नियोजन को रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
निगरानी जांच में हुआ खुलासा
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, मुजफ्फरपुर प्रक्षेत्र से प्राप्त रिपोर्ट में यह सामने आया कि उर्मिला कुमारी द्वारा प्रस्तुत मैट्रिक का अंकपत्र असत्य है। इस खुलासे के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया और मामले को गंभीरता से लिया गया।
23 फरवरी को दर्ज हुई प्राथमिकी
इस मामले में नगर थाना में 23 फरवरी को प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
नियोजन रद्द करने की सिफारिश
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) कुमार अनुभव ने नगर आयुक्त को पत्र भेजकर शिक्षिका के नियोजन को निरस्त करने की अनुशंसा की है। उन्होंने बताया कि बिहार पंचायत प्रारंभिक सेवा नियमावली 2020 के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासनिक स्तर पर गंभीरता
प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। नगर आयुक्त से भी इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी गई है।
शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने शिक्षा व्यवस्था में नियुक्तियों की प्रक्रिया और प्रमाणपत्रों की जांच प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों से बचने के लिए नियुक्ति के समय दस्तावेजों की सख्त जांच आवश्यक है।
फिलहाल प्रशासन इस मामले में आगे की कार्रवाई कर रहा है और दोषी पाए जाने पर संबंधित शिक्षिका के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
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