छपरा मंडलकारा में तड़के औचक छापेमारी, तीन घंटे चला प्रशासन-पुलिस का संयुक्त अभियान

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छपरा मंडलकारा में तड़के संयुक्त टीम ने बैरक-वार्ड, CCTV और सुरक्षा घेरे की गहन जांच की।

छपरा मंडलकारा में तड़के औचक छापेमारी तीन घंटे चला संयुक्त अभियान सुरक्षा व्यवस्था की गहन जांच

छपरा मंडलकारा में मंगलवार तड़के उस समय अचानक हलचल मच गई जब जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने औचक छापेमारी अभियान शुरू किया। सुबह करीब तीन बजे शुरू हुई इस कार्रवाई का उद्देश्य जेल की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना तथा अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना था। इस सघन अभियान का नेतृत्व वैभव श्रीवास्तव और विनीत कुमार ने किया। करीब तीन घंटे तक चले निरीक्षण में जेल परिसर के हर हिस्से की बारीकी से जांच की गई।

अधिकारियों ने बैरकों और वार्डों के साथ साथ रसोईघर अस्पताल मुलाकात कक्ष और जेल के बाहरी सुरक्षा घेरे का भी निरीक्षण किया। इस दौरान बंदियों की गिनती कर उनका सत्यापन किया गया और यह सुनिश्चित किया गया कि सभी नियमों का पालन हो रहा है। टीम ने यह भी जांच की कि जेल के भीतर किसी प्रकार की अवैध सामग्री मोबाइल फोन नशीले पदार्थ या अन्य प्रतिबंधित सामान मौजूद तो नहीं है।

छापेमारी के दौरान सुरक्षा कर्मियों की तैनाती ड्यूटी रजिस्टर और सीसीटीवी कैमरों की स्थिति की भी गहन समीक्षा की गई। अधिकारियों ने जेल कर्मचारियों को सतर्क रहने और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जेल की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और औचक निरीक्षण का उद्देश्य व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त बनाए रखना है।

वरीय पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस तरह के अभियान आगे भी समय समय पर जारी रहेंगे ताकि जेल के भीतर किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या आपराधिक गतिविधि को पनपने का मौका न मिले। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता जेल को पूरी तरह सुरक्षित और अनुशासित बनाए रखना है।

तड़के हुई इस औचक छापेमारी के बाद प्रशासनिक अमले ने संतोष जताया लेकिन साथ ही यह संकेत भी दिया कि भविष्य में ऐसे निरीक्षण और सघन किए जाएंगे। इस कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि छपरा मंडलकारा की सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन की लगातार पैनी नजर बनी हुई है और किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।