स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद प्रकरण: कांग्रेस ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की
अमित मिश्रा की रिपोर्ट : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के कथित अपमान और उत्पीड़न के आरोपों को लेकर वाराणसी में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। महानगर कांग्रेस कमेटी, वाराणसी ने बुधवार को प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपकर इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि धार्मिक परंपराओं और संत समाज की गरिमा को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
अमावस्या स्नान को लेकर लगाए गंभीर आरोप
राजीव भवन, चेतगंज स्थित पार्टी कार्यालय से जारी बयान में महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे एडवोकेट ने आरोप लगाया कि अमावस्या के अवसर पर पुलिस ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों को स्नान करने से रोका। उनका कहना है कि इस दौरान पुलिस द्वारा दुर्व्यवहार किया गया और बाद में उन्हें थाने ले जाकर प्रताड़ित किया गया।
राघवेंद्र चौबे ने यह भी आरोप लगाया कि एक कथित षड्यंत्र के तहत शंकराचार्य और स्वामी मुकुंदानंद ब्रह्मचारी समेत अन्य लोगों के खिलाफ यौन शोषण का मुकदमा दर्ज कर उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है। उन्होंने इसे संत समाज के सम्मान पर आघात बताया।
उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से जांच की मांग
कांग्रेस नेताओं ने मांग की है कि एफआईआर दर्ज कराने वालों की पृष्ठभूमि की जांच उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराई जाए। उनका कहना है कि पूरे प्रकरण की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच ही सत्य को सामने ला सकती है। पार्टी का दावा है कि बिना निष्पक्ष जांच के इस मामले की सच्चाई स्पष्ट नहीं होगी और धार्मिक परंपराओं की गरिमा प्रभावित होती रहेगी।
ज्ञापन पर राजेश्वर सिंह पटेल, फरासत हुसैन बाबू और राघवेंद्र चौबे के हस्ताक्षर हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वे इस मुद्दे को लेकर आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाते रहेंगे।
डीएम कार्यालय पर हल्की धक्का-मुक्की
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता जिला अधिकारी कार्यालय पहुंचे। मुख्य गेट पर पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, जिससे कुछ देर के लिए धक्का-मुक्की की स्थिति उत्पन्न हो गई। हालांकि बाद में स्थिति सामान्य हो गई और कार्यकर्ताओं ने डीएम कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंप दिया।
इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शंखनाद कर विरोध दर्ज कराया और सरकार को चेतावनी दी कि धार्मिक मामलों में कथित हस्तक्षेप और संत समाज के अपमान को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राजनीतिक हलचल तेज
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएं समाज में अस्थिरता उत्पन्न करती हैं और धार्मिक भावनाओं को आहत करती हैं। उनका आरोप है कि यदि इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों और धार्मिक स्वतंत्रता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करेगा।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े इस प्रकरण पर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन वाराणसी में राजनीतिक हलचल को तेज करने वाला माना जा रहा है। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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