चंदौली: डीडीयू जंक्शन पर मालगाड़ी के इंजन पर चढ़ा युवक, हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत

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चंदौली के डीडीयू जंक्शन पर खड़ी मालगाड़ी के इंजन पर चढ़ते ही OHE लाइन से करंट लगने से मौत।

चंदौली: एशिया के सबसे व्यस्त रेलवे जंक्शनों में शामिल पंडित दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) जंक्शन पर बुधवार को एक हृदयविदारक हादसे ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। जंक्शन के आरआरआई (RRI) क्षेत्र के पास खड़ी एक मालगाड़ी के इंजन पर चढ़ते ही एक अज्ञात व्यक्ति हाईटेंशन ओवरहेड इलेक्ट्रिक (OHE) लाइन की चपेट में आ गया। तेज करंट लगने से मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि व्यक्ति को संभलने या बचने का कोई अवसर तक नहीं मिल पाया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना बुधवार दोपहर की है। एक व्यक्ति संदिग्ध परिस्थितियों में खड़ी मालगाड़ी के इंजन के ऊपर चढ़ गया। जैसे ही उसका शरीर ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आया, जोरदार धमाके के साथ नीली चिंगारियां निकलीं और आग की लपटें उठने लगीं। करंट इतना प्रबल था कि कुछ ही पलों में व्यक्ति आग की चपेट में आ गया और देखते ही देखते उसका पूरा शरीर झुलस गया। कुछ मिनटों के भीतर ही उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद डीडीयू जंक्शन पर अफरा-तफरी मच गई। यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे अधिकारियों ने तत्काल विद्युत आपूर्ति बंद करवाई। इसके बाद कड़ी मशक्कत के साथ जले हुए शव को मालगाड़ी के इंजन से नीचे उतारकर कब्जे में लिया गया।

जीआरपी अधिकारियों के मुताबिक, मृतक की उम्र और पहचान फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है। तलाशी के दौरान उसके पास से कोई पहचान पत्र, आधार कार्ड या अन्य दस्तावेज बरामद नहीं हुए हैं, जिससे उसकी शिनाख्त की जा सके। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आसपास के सभी थानों को सूचना दे दी गई है, ताकि यदि कहीं से गुमशुदगी की रिपोर्ट आती है तो मृतक की पहचान की जा सके।

इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर रेलवे परिसरों में सुरक्षा और सतर्कता के सवाल खड़े कर दिए हैं। डीडीयू जंक्शन जैसे अत्यधिक व्यस्त स्टेशन पर हाईटेंशन लाइनों के पास किसी भी तरह की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां मामले की हर पहलू से जांच कर रही हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि व्यक्ति किन परिस्थितियों में इंजन पर चढ़ा और क्या इसमें किसी तरह की चूक या लापरवाही शामिल थी।