देवरिया जिले में मदनपुर कपरवार मार्ग के अम्मा पाण्डेय संपर्क मार्ग पर 13 जनवरी को मिले अज्ञात युवक के शव की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। जांच में मृतक की पहचान बरहज थाना क्षेत्र के गौरा जयनगर निवासी प्रमोद यादव के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि अवैध संबंध के चलते प्रमोद की गला दबाकर हत्या की गई थी। इस मामले में मुख्य आरोपी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार 13 जनवरी की सुबह अम्मा पाण्डेय मार्ग के किनारे करीब तीस वर्षीय युवक का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। शव की पहचान नहीं हो पाने पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। सीसीटीवी फुटेज खंगालने के दौरान एक संदिग्ध ऑटो सामने आया जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची। गुरुवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने पकड़ी बाजार स्थित शराब की दुकान के पास से तीन युवकों को गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त ऑटो और मृतक का मोबाइल फोन भी बरामद किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में खुखुंदू थाना क्षेत्र के दोहनी निवासी रामेश्वर विश्वकर्मा उम्र छत्तीस वर्ष सदर कोतवाली क्षेत्र के रामनाथ निवासी गोलू उम्र उन्नीस वर्ष और गौरीबाजार थाना क्षेत्र के चकिया निवासी सोनू पासवान उम्र अट्ठाईस वर्ष शामिल हैं। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने हत्या की बात स्वीकार की जिसके बाद शव की पहचान मृतक के परिजनों से कराई गई।
थानाध्यक्ष नंदा प्रसाद के अनुसार जांच में पता चला कि मृतक प्रमोद यादव का मुख्य आरोपी रामेश्वर के घर आना जाना था। इसी दौरान प्रमोद के रामेश्वर की पत्नी से अवैध संबंध बन गए थे। इस बात की जानकारी होने पर रामेश्वर ने विरोध किया लेकिन प्रमोद नहीं माना। इसी बीच रामेश्वर अपनी पुत्री की शादी तय कर रहा था और उसे सामाजिक बदनामी का डर सताने लगा था। इसी कारण उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई।
पुलिस ने बताया कि तीनों आरोपियों ने प्रमोद को ऑटो में बैठाकर रुद्रपुर मदनपुर मार्ग स्थित कुरना नाला के पुल के पास ले गए जहां ऑटो के अंदर ही गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को अम्मा पाण्डेय संपर्क मार्ग पर फेंक दिया गया ताकि पहचान न हो सके। हत्या के बाद आरोपी फरार हो गए थे।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में साक्ष्य मजबूत हैं और विवेचना पूरी कर शीघ्र आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा। इस खुलासे के बाद क्षेत्र में फैली दहशत कम हुई है और पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
