जम्मू कश्मीर के डोडा जिले से एक बेहद दुखद और हृदय विदारक खबर सामने आई है जहां देश की रक्षा में तैनात जवान एक भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गए। भदरवाह सब डिवीजन के थानाला क्षेत्र में सेना का एक वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गया। इस हादसे में 10 जवान बलिदान हो गए जबकि सात जवान गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। यह हादसा गुरुवार को उस समय हुआ जब जवान ड्यूटी के लिए एक ऊंची पोस्ट की ओर जा रहे थे। अचानक हुए इस हादसे ने पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह दुर्घटना भदरवाह चंबा इंटरस्टेट रोड पर खन्नी टॉप के पास हुई। सेना का बुलेट प्रूफ वाहन जिसमें कुल 17 जवान सवार थे पहाड़ी और संकरे रास्ते से गुजर रहा था। इसी दौरान चालक का वाहन पर से नियंत्रण हट गया और वाहन सीधे लगभग 200 फीट गहरी खाई में जा गिरा। ऊंचाई और दुर्गम इलाके के कारण वाहन के खाई में गिरते ही वह बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही सेना और स्थानीय पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं और तुरंत राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल पर पहुंचने के बाद काफी मुश्किलों के बीच खाई में उतरकर जवानों को बाहर निकाला गया। इस दौरान 10 जवानों के शव बरामद किए गए जबकि नौ जवानों को घायल अवस्था में बाहर निकाला गया। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इनमें से तीन जवानों की हालत गंभीर बताई जा रही है जिन्हें बेहतर और विशेष इलाज के लिए उधमपुर स्थित मिलिट्री अस्पताल एयरलिफ्ट किया गया है। अन्य घायल जवानों का इलाज स्थानीय सैन्य चिकित्सा केंद्रों में चल रहा है।
इस हादसे के बाद सेना के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। प्रारंभिक तौर पर हादसे की वजह सड़क से फिसलन और कठिन पहाड़ी मार्ग को माना जा रहा है हालांकि पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। डोडा जिले में जिस क्षेत्र में यह दुर्घटना हुई वहां सड़कें बेहद संकरी हैं और गहरी खाइयां मौजूद हैं जिससे ऐसे हादसों का खतरा बना रहता है।
जवानों के बलिदान की खबर मिलते ही उनके परिजनों में कोहराम मच गया है। पूरे देश में इस हादसे को लेकर शोक व्यक्त किया जा रहा है और लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की है। रक्षा सूत्रों का कहना है कि शहीदों के पार्थिव शरीर को पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनके पैतृक स्थान भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। यह हादसा एक बार फिर यह याद दिलाता है कि देश की सीमाओं की रक्षा में तैनात जवान न केवल दुश्मन से बल्कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों से भी लगातार जूझते रहते हैं।
