गया में औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से बुधवार को रेडक्रॉस सभागार में उद्योग वार्ता का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने की। इस दौरान जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से आए उद्यमियों ने अपने सामने आ रही व्यावहारिक समस्याओं को खुलकर रखा और प्रशासन से ठोस समाधान की मांग की।
उद्योग वार्ता में उद्यमियों ने औद्योगिक क्षेत्रों में जलजमाव, निर्बाध बिजली आपूर्ति, कच्चे माल और तैयार उत्पादों के सुगम परिवहन के लिए संपर्क पथों के चौड़ीकरण, ड्रेनेज की समस्या, बियाडा की भूमि दरों में कमी और मानपुर क्षेत्र में भूमि दखल हस्तांतरण से जुड़ी परेशानियों को प्रमुखता से उठाया। उद्यमियों का कहना था कि इन बुनियादी समस्याओं के कारण उद्योगों के संचालन और विस्तार में बाधा आ रही है।
जिलाधिकारी ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुनते हुए भरोसा दिलाया कि उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन हर स्तर पर सहयोग कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिले को औद्योगिक और व्यापारिक केंद्र के रूप में विकसित करने के लक्ष्य के साथ उद्यमियों से लगातार संवाद किया जा रहा है ताकि उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके। डीएम ने यह भी बताया कि जिला उद्योग पदाधिकारी के माध्यम से प्रखंड स्तर पर चल रहे उद्योगों की मैपिंग कराई गई है, जिससे भविष्य की योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू किया जा सके।
बिजली आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों पर डीएम ने बिजली विभाग के अभियंताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि उद्योग वार्ता में उठाई गई सभी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए। कार्यपालक अभियंता विद्युत विभाग ने बताया कि मानपुर क्षेत्र में बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए प्रयास तेज किए जा रहे हैं ताकि उद्योगों को निर्बाध आपूर्ति मिल सके। वहीं सड़क, ड्रेनेज और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े मुद्दों को भी नोट करते हुए संबंधित विभागों को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने कहा कि इस तरह की उद्योग वार्ताएं नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी, जिससे औद्योगिक और निवेश से जुड़ी समस्याओं पर लगातार नजर रखी जा सके। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रशासन और उद्यमियों के बीच बेहतर समन्वय से गया जिले में उद्योग और व्यापार को नई दिशा मिलेगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
बैठक में नगर पुलिस अधीक्षक कोटा किरण कुमार, नगर आयुक्त अभिषेक पलासिया, अनुमंडल पदाधिकारी सदर अनिल कुमार रमण, कार्यपालक अभियंता विद्युत, अरसीडी के अधिकारी, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक, बियाडा के उप महाप्रबंधक, सेंट्रल बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष विपेंद्र अग्रवाल सहित कई उद्यमी और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन का मानना है कि यह उद्योग वार्ता जिले में औद्योगिक विकास और निवेश को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
