गाजीपुर में पचास हजार की इनामी और लंबे समय से फरार चल रही अफ्शा अंसारी की जिले में मौजूदगी की सूचना मिलने पर पुलिस ने शुक्रवार सुबह से ही सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया। अभियान के दौरान शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों की जांच की जा रही थी ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। इसी क्रम में शहर में प्रवेश कर रहे सांसद Afzal Ansari और मुहम्मदाबाद विधायक Suheb Ansari के काफिले को भी जांच के लिए रोक लिया गया जिससे मौके पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
वाहन रोके जाने के बाद सांसद अफजाल अंसारी और मौके पर मौजूद सीओ सिटी शेखर सेंगर तथा शहर कोतवाल महेंद्र सिंह के बीच तीखी बहस हो गई। यह बहस करीब पंद्रह मिनट तक चली जिसके कारण कुछ समय के लिए सड़क पर आवागमन भी प्रभावित हुआ और जाम जैसी स्थिति बन गई। बाद में समझाइश के बाद सांसद आगे बढ़े और यातायात सामान्य हो सका। इस घटनाक्रम ने शहर में हलचल पैदा कर दी और देखते ही देखते यह मामला चर्चा का विषय बन गया।
पुलिस अधीक्षक Dr Eraj Raja ने पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि अफ्शा अंसारी को लेकर मिले इनपुट के आधार पर ही सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। उन्होंने साफ किया कि पुलिस का उद्देश्य किसी जनप्रतिनिधि या आम नागरिक को परेशान करना नहीं था। सांसद द्वारा लगाए गए आरोपों को उन्होंने पूरी तरह निराधार बताया और कहा कि यह कार्रवाई केवल सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई थी।
अफ्शा अंसारी जो कि दिवंगत माफिया Mukhtar Ansari की पत्नी हैं पचास हजार की इनामी घोषित हैं और काफी समय से फरार चल रही हैं। पुलिस के अनुसार उनके जिले में होने की सूचना मिलते ही सभी संभावित मार्गों पर चेकिंग बढ़ा दी गई ताकि किसी भी तरह की चूक न हो। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की सूचनाओं को हल्के में नहीं लिया जा सकता और तत्काल कार्रवाई आवश्यक होती है।
इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है। एक ओर पुलिस की सख्ती और दूसरी ओर सांसद की नाराजगी ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। हालांकि पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून सबके लिए समान है और सूचना के आधार पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। फिलहाल अफ्शा अंसारी की तलाश लगातार की जा रही है और पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस मामले में ठोस परिणाम सामने आएंगे।
