ग्रीन आर्मी के कार्यों से प्रभावित होकर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने होप वेलफेयर ट्रस्ट को दी इको कार
वाराणसी (रोहनिया)। ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण की दिशा में कार्य कर रही ग्रीन आर्मी की पहल को सराहते हुए उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने होप वेलफेयर ट्रस्ट को सीएसआर फंड के तहत एक इको कार भेंट की है। सोमवार को राजभवन में आयोजित एक कार्यक्रम में राज्यपाल ने संस्था के प्रतिनिधियों को वाहन की चाबी सौंपते हुए उनके प्रयासों की सराहना की।
राज्यपाल ने सराहा जमीनी स्तर पर किया जा रहा कार्य
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि जब कोई संस्था गांव-गांव जाकर समर्पण भाव से कार्य करती है, तो उसे हरसंभव सहयोग मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि वाराणसी भ्रमण के दौरान उन्होंने ग्रीन आर्मी के कार्यों को करीब से देखा, जो अत्यंत प्रभावशाली और प्रेरणादायक हैं।
उन्होंने विशेष रूप से ग्रीन आर्मी से जुड़ी महिलाओं की सराहना करते हुए कहा कि आज ये महिलाएं न केवल पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे रही हैं, बल्कि आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवारों का भरण-पोषण भी कर रही हैं।
वाराणसी, मीरजापुर और भदोही में सक्रिय है ग्रीन आर्मी
होप वेलफेयर ट्रस्ट द्वारा गठित ग्रीन आर्मी टीम वाराणसी, मीरजापुर और भदोही सहित कई जिलों में सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। यह टीम पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, वृक्षारोपण और जागरूकता अभियानों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास कर रही है।
संस्था की पहल से बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं जुड़ी हैं, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में भी आगे बढ़ रही हैं।
इको कार से बढ़ेगी कार्यों की गति
संस्था के संस्थापक रवि मिश्रा ने बताया कि राज्यपाल द्वारा प्रदान की गई इको कार से संगठन के कार्यों को और गति मिलेगी। अब टीम आसानी से दूरदराज के गांवों तक पहुंचकर अपने अभियानों को प्रभावी ढंग से संचालित कर सकेगी।
उन्होंने कहा कि यह सहयोग संस्था के लिए न केवल प्रोत्साहन है, बल्कि जिम्मेदारी भी बढ़ाता है कि वे और अधिक क्षेत्रों में जाकर समाज के लिए काम करें।
सामाजिक परिवर्तन का बन रहा मजबूत आधार
ग्रीन आर्मी का मॉडल ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक और पर्यावरणीय परिवर्तन का एक प्रभावी उदाहरण बनता जा रहा है। स्थानीय स्तर पर महिलाओं को जोड़कर उन्हें रोजगार और जागरूकता से जोड़ना इस पहल की सबसे बड़ी खासियत है।
कार्यक्रम के दौरान सह-संस्थापक श्यामाकांत सुमन, संदीप गुप्ता और ट्रस्ट के सदस्य जितेंद्र यादव भी मौजूद रहे। सभी ने राज्यपाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहयोग से संस्था के उद्देश्यों को और मजबूती मिलेगी।
महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण को मिल रहा बढ़ावा
यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को गति देगी, बल्कि महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी एक मजबूत कदम साबित होगी। ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी से समाज में जागरूकता बढ़ रही है और एक सकारात्मक बदलाव की नींव रखी जा रही है।
राज्यपाल द्वारा दिया गया यह सहयोग आने वाले समय में ग्रीन आर्मी को और व्यापक स्तर पर कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा, जिससे अधिक से अधिक गांवों में पर्यावरण और सामाजिक सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकेंगे।
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