आरएसएस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य और राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के संयोजक Indresh Kumar ने रविवार को इटावा में विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से विपक्ष शंकराचार्य विवाद को बेवजह हवा दे रहा है। डॉ. इंद्रेश कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह विवाद कृत्रिम रूप से खड़ा किया जा रहा है और देश के संत, महात्मा और जिम्मेदार राजनेता इस विषय को सुलझाने में पूरी तरह सक्षम हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि जल्द ही इस मामले का समाधान निकल आएगा।
डॉ. इंद्रेश कुमार इटावा शहर के नारायण कॉलेज में आयोजित खिचड़ी भोज कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने शंकराचार्य विवाद, सरकार की छवि और विपक्ष की भूमिका से जुड़े सवालों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार की छवि न पहले खराब हुई है और न ही आगे कोई इसे खराब कर पाएगा। उनका कहना था कि विपक्ष हताशा और बौखलाहट में ऐसे मुद्दों को उछाल रहा है, जिनका जमीनी सच्चाई से कोई लेना देना नहीं है।
विपक्ष पर सीधा निशाना साधते हुए डॉ. इंद्रेश कुमार ने कहा कि पराजित विपक्ष धीरे धीरे अपनी राजनीतिक भूमिका खोता जा रहा है। उन्होंने कहा कि चुनावी हार के बाद विपक्ष के पास जनता के बीच जाने के लिए कोई सकारात्मक एजेंडा नहीं बचा है। इसी कारण वह सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने इसे विपक्ष की गलतफहमी बताते हुए कहा कि इस तरह की राजनीति से न तो सरकार की साख गिरेगी और न ही समाज में भ्रम फैलेगा।
शंकराचार्य के कैंप पर हुए हमले से जुड़े सवाल पर डॉ. इंद्रेश कुमार ने कहा कि इस तरह की घटनाओं को बढ़ा चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। उन्होंने दो टूक कहा कि कुछ लोग जानबूझकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन देश का समाज अब इतना परिपक्व हो चुका है कि वह ऐसे षड्यंत्रों में नहीं फंसेगा। उन्होंने कहा कि भड़काने वाले लोग अपना काम करते रहेंगे, लेकिन समाज को बांटना अब आसान नहीं है।
यूजीसी और सामाजिक सौहार्द से जुड़े मुद्दों पर बात करते हुए डॉ. इंद्रेश कुमार ने कहा कि देश में अब सवर्ण और अवर्ण जैसी विभाजनकारी सोच से आगे बढ़ने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में अब मुसलमान भी दंगा मुक्त प्रदेश की सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं। यह बदलाव इस बात का संकेत है कि समाज शांति, विकास और एकता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
कार्यक्रम से पहले डॉ. इंद्रेश कुमार ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलन और पुष्प अर्पित कर खिचड़ी भोज कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद हिमालय परिवार संकल्प कैलाश मानसरोवर की मुक्ति के संदेश के साथ रंग बिरंगे गुब्बारों को आसमान में छोड़कर एकता और देशभक्ति का संदेश दिया गया। इस आयोजन को सांस्कृतिक और सामाजिक समरसता का प्रतीक बताया गया।
इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष Arun Kumar Gupta Annu, कॉलेज के चेयरमैन और भाजपा नेता Harikishor Tiwari, अंकित तिवारी सहित बड़ी संख्या में भाजपा नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने डॉ. इंद्रेश कुमार का स्वागत और सम्मान किया।
डॉ. इंद्रेश कुमार का यह बयान ऐसे समय आया है जब शंकराचार्य विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। उनके वक्तव्य को सरकार के समर्थन और विपक्ष की राजनीति पर करारा जवाब माना जा रहा है। उन्होंने साफ संकेत दिया कि समाज को बांटने की कोशिशें सफल नहीं होंगी और देश एकता, शांति और विकास के मार्ग पर आगे बढ़ता रहेगा।
