कैमूर में पीएम ग्रामीण आवास योजना प्लस का सत्यापन अंतिम चरण में तीन दिनों में 8027 लाभार्थियों की जांच शेष
कैमूर जिले में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना प्लस के अंतर्गत लाभार्थियों की पात्रता सत्यापन का कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। जिले में अगले तीन दिनों के भीतर 8027 लोगों की पात्रता की जांच की जानी है, जिसके लिए प्रशासन द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार अब तक जिले में 1.44 लाख से अधिक लोगों का सर्वे किया जा चुका है, जिनमें से 1.37 लाख से अधिक लाभार्थियों का सत्यापन पूरा हो चुका है।
जिले में पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सभी प्रखंडों में 10 जनवरी से 15 मई के बीच सर्वे कराया गया था। यह कार्य विभाग के दिशा निर्देशों के तहत कर्मियों द्वारा किया गया। सर्वे सूची में शामिल लोगों की पात्रता की पुष्टि के लिए 29 जनवरी 2026 तक अभियान चलाया जा रहा है। विभागीय जानकारी के अनुसार अब केवल तीन दिन का समय शेष है, ऐसे में शेष बचे लाभार्थियों का सत्यापन तेजी से किया जा रहा है।
एमआईएस पदाधिकारी सुधीर कुमार पांडेय ने बताया कि विभागीय दिशा निर्देशों के अनुसार सत्यापन कार्य पूरा होते ही अपात्र पाए गए परिवारों के नाम सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि सत्यापन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ वास्तविक और जरूरतमंद परिवारों तक ही पहुंचे।
आंकड़ों के अनुसार जिले के विभिन्न प्रखंडों में सर्वे और सत्यापन का प्रतिशत अलग अलग है। अब तक कुल 144772 लोगों का सर्वे हुआ था, जिनमें से 137639 लोगों का सत्यापन किया जा चुका है। इस प्रकार कुल सत्यापन प्रतिशत 95.07 रहा है। भभुआ प्रखंड में सत्यापन संख्या सर्वे से अधिक पाई गई है, जबकि नुआंव प्रखंड में सबसे अधिक लाभार्थी अब भी सत्यापन के लिए शेष हैं।
प्रखंडवार शेष बचे लाभार्थियों की बात करें तो अधौरा में 698, भगवानपुर में 574, चैनपुर में 1264, चांद में 1219, दुर्गावती में 740, कुदरा में 233, मोहनियां में 1257, नुआंव में 1766, रामगढ़ में 132 और रामपुर में 76 लोगों का सत्यापन अभी बाकी है। इन सभी को शामिल करते हुए कुल 7133 लोगों की पात्रता की पुष्टि की जानी है, जिसे अगले तीन दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रशासन का कहना है कि जिला स्तर पर सत्यापन कार्य की नियमित समीक्षा उप विकास आयुक्त और डीआरडीए निदेशक द्वारा की जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि समय सीमा के भीतर शेष बचे लाभार्थियों का सत्यापन पूरा कर लिया जाए, ताकि अपात्र नामों को हटाकर पात्र परिवारों को योजना का लाभ जल्द से जल्द दिया जा सके। इस अभियान के पूरा होने के बाद जिले में पीएम ग्रामीण आवास योजना प्लस के तहत आवास आवंटन की प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी और प्रभावी होने की उम्मीद है।
