कानपुर के जाजमऊ इलाके में गुरुवार देर शाम एक बेहद दुखद घटना सामने आई जहां हाई स्कूल की छात्रा इकरा बानो ने कथित तौर पर बोर्ड परीक्षा के तनाव में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिवार का कहना है कि छात्रा पिछले दो दिनों से मानसिक दबाव में थी और उसने खाना पीना भी काफी कम कर दिया था। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे मोहल्ले में शोक का माहौल है।
यह मामला जाजमऊ थाना क्षेत्र के बुढ़िया घाट का है जहां मूल रूप से बेकनगंज निवासी फुरकान पिछले करीब बीस वर्षों से अपने परिवार के साथ किराए के मकान में रह रहे हैं। परिवार में पत्नी रोशनी बानो बड़ी बेटी हिना और सोलह वर्षीय इकरा बानो शामिल थीं। फुरकान कबाड़ की फेरी का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि इकरा हाई स्कूल की छात्रा थी और घर पर ही बड़ी बहन से पढ़ाई कर रही थी। बोर्ड परीक्षा को लेकर वह लगातार तनाव में नजर आ रही थी।
फुरकान के अनुसार गुरुवार की शाम जब वह घर लौटे तो मकान अंदर से बंद था। काफी आवाज लगाने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला। उस समय उनकी पत्नी और बड़ी बेटी लालबंगला बाजार गई हुई थीं। संदेह होने पर उन्होंने खिड़की से झांककर देखा तो इकरा पंखे से दुपट्टे के सहारे लटकी हुई दिखाई दी। यह दृश्य देखते ही उनके होश उड़ गए।
आनन फानन में आसपास के लोगों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया और इकरा को फंदे से उतारकर तत्काल अस्पताल ले जाया गया। उसे Kanshiram Hospital में भर्ती कराया गया जहां देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस अस्पताल पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
इस संबंध में जाजमऊ थाना प्रभारी Jitendra Singh ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में परिजन परीक्षा के तनाव को ही घटना का कारण बता रहे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। यह घटना एक बार फिर छात्रों पर परीक्षा के दबाव और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
