वाराणसी की नाबालिग से कानपुर में सामूहिक दुष्कर्म, महिला कांग्रेस ने जिला मुख्यालय पर किया प्रदर्शन
अमित मिश्रा की रिपोर्ट : वाराणसी की एक नाबालिग बेटी के साथ कानपुर के बिठूर थाना क्षेत्र में सामूहिक दुष्कर्म की घटना सामने आने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस मामले में वाराणसी महानगर महिला कांग्रेस और जिला महिला कांग्रेस की पदाधिकारियों ने जिला मुख्यालय पर जमकर प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी को पत्रक सौंपकर पीड़िता और उसके परिवार की सुरक्षा तथा त्वरित न्याय की मांग की। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सत्ता पक्ष के बिठूर विधायक के इशारे पर पुलिस मामले में लीपापोती करने में जुटी है।
क्या है पूरा मामला
कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने बताया कि कानपुर के बिठूर थाना क्षेत्र के एक कस्बे में वाराणसी की एक नाबालिग लड़की के साथ निहाल सिंह, निशांत सिंह और पदम त्रिपाठी ने सामूहिक दुष्कर्म किया और उसे गंभीर हालत में छोड़कर भाग गए। विपक्ष के दबाव के बाद 25 मार्च को बीएनएस की धारा 173 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया और कुछ आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया। लेकिन राघवेंद्र चौबे का आरोप है कि मुख्य आरोपियों को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है और पुलिस की कार्रवाई एकतरफा और अधूरी है।
बिठूर विधायक पर लगाए गंभीर आरोप
महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने आरोप लगाया कि इस सामूहिक दुष्कर्म में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं वे सत्ताधारी पार्टी के करीबी रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस ने एक दो लोगों को गिरफ्तार करके महज खानापूर्ति की है जबकि असली आरोपी अभी तक खुले घूम रहे हैं। उनका आरोप है कि सत्ता पक्ष के बिठूर विधायक के निर्देश पर बिठूर पुलिस इस पूरे मामले को दबाने और लीपापोती करने में लगी हुई है। इसके साथ ही परिजनों को केस वापस लेने की धमकी भी दी जा रही है जो एक गंभीर और चिंताजनक स्थिति है।
महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष का बयान
महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष आराधना यादव ने कहा कि जिस तरह से दबंगों ने काशी की एक मासूम बेटी के साथ यह जघन्य अपराध किया और उसके बाद सत्ता के संरक्षण में मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है, वह बेहद शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों के दबाव पर एफआईआर तो दर्ज हुई लेकिन अब मामले को ठंडे बस्ते में डाला जा रहा है। आराधना यादव ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस मामले में लीपापोती की गई तो महिला कांग्रेस सड़क से लेकर संसद तक आवाज उठाएगी और सरकार को जवाब देना होगा।
जिलाधिकारी को सौंपा पत्रक, कार्रवाई का मिला भरोसा
प्रदर्शन के दौरान महिला कांग्रेस और महानगर कांग्रेस के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को पत्रक सौंपा। इस पत्रक में पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित करने, परिवार को मिल रही धमकियों को रोकने और सभी फरार मुख्य आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की गई है। राघवेंद्र चौबे ने बताया कि जिलाधिकारी ने उन्हें यथासंभव कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। हालांकि कांग्रेस नेताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि वे केवल आश्वासन से संतुष्ट नहीं होंगे और जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई होने तक दबाव बनाए रखेंगे।
परिजनों को धमकी का आरोप, मामला संवेदनशील
इस पूरे प्रकरण में सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि पीड़िता के परिजनों को कथित रूप से केस वापस लेने की धमकी दी जा रही है। यदि यह आरोप सही है तो यह न केवल पुलिस प्रशासन की विफलता है बल्कि पीड़ित पक्ष को न्याय से वंचित करने की एक सुनियोजित कोशिश भी है। विपक्षी दल लगातार यह मांग कर रहे हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी की निगरानी में हो ताकि राजनीतिक दबाव से परे जाकर पीड़िता को न्याय मिल सके। यह मामला अब केवल कानून व्यवस्था का नहीं बल्कि पीड़ित की गरिमा और उसके परिवार की सुरक्षा का भी सवाल बन गया है।
विपक्ष का दबाव जारी, सरकार पर सवाल
वाराणसी में हुए इस प्रदर्शन ने यह साफ कर दिया है कि विपक्षी दल इस मामले में किसी तरह की ढिलाई बरदाश्त करने के मूड में नहीं हैं। कांग्रेस ने राज्य सरकार से मांग की है कि बिठूर पुलिस की कार्रवाई की उच्च स्तरीय समीक्षा की जाए और मुख्य आरोपियों को बिना किसी राजनीतिक दबाव के तत्काल गिरफ्तार किया जाए। साथ ही पीड़ित परिवार को पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए ताकि उन पर केस वापस लेने का कोई दबाव न बना सके।
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