कौशांबी में हाईटेंशन तार गिरने से लगी आग, 20 बीघा फसल जली; पुलिस की सूझबूझ से टली बड़ी घटना
कौशांबी जिले में शनिवार को एक बड़ा हादसा उस समय टल गया, जब हाईटेंशन तार टूटकर खेतों में गिरने से भीषण आग लग गई। तेज गर्मी और लू के कारण आग तेजी से फैलने लगी, जिससे लगभग 20 बीघा फसल जलकर खाक हो गई। हालांकि, पुलिस की तत्परता और सूझबूझ के चलते आग को और फैलने से रोक लिया गया।
हाईटेंशन तार गिरने से लगी आग
ग्रामीणों के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब डेढ़ बजे सड़वा गांव के पास खेतों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन का तार अचानक टूटकर नीचे गिर गया। इससे शॉर्ट सर्किट हुआ और खेतों में आग लग गई।
आग देखते ही ग्रामीण पानी से भरी बाल्टियां लेकर मौके पर पहुंचे, लेकिन तेज हवाओं और लपटों की तीव्रता के सामने उनके प्रयास नाकाफी साबित हुए।
पुलिस ने दिखाई तत्परता, ट्रैक्टरों से कराई जोताई
घटना की सूचना मिलते ही बिदांव चौकी प्रभारी अमित द्विवेदी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। लेकिन दमकल के पहुंचने में देरी होती देख पुलिस ने तत्काल वैकल्पिक उपाय अपनाया।
चौकी प्रभारी ने सड़वा और बिदांव गांव से आठ ट्रैक्टर मंगवाकर जलते हुए खेतों के चारों ओर जोताई करवाई। इस रणनीति से आग को आगे बढ़ने से रोक दिया गया और एक बड़ी आपदा टल गई।
20 बीघा फसल जलकर नष्ट
इस आगजनी में करीब 20 बीघा गेहूं की फसल जलकर पूरी तरह नष्ट हो गई। प्रभावित किसानों में जगन्नाथ सरोज, कल्लू सरोज, पंछी सरोज, मोती सरोज, जयप्रकाश, महेश सरोज, राजमोहन सिंह, ब्रजमोहन सिंह, घनश्याम सिंह, अशर्फी लाल सिंह, भंडारी लाल सरोज और बंगाली सरोज शामिल हैं।
किसानों को हजारों रुपये का नुकसान हुआ है। हालांकि, किसानों का कहना है कि अगर पुलिस ने समय रहते कदम न उठाया होता, तो नुकसान और भी बड़ा हो सकता था।
दमकल नहीं पहुंची, बिजली विभाग पर सवाल
घटना के दौरान दमकल की गाड़ी समय पर मौके पर नहीं पहुंच सकी, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई। वहीं, विद्युत उपकेंद्र के जेई द्वारा मोबाइल बंद किए जाने की भी बात सामने आई है, जिससे बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
फिलहाल प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है और किसानों को राहत दिलाने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की संभावना है।
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