उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विंध्याचल धाम में किए दर्शन, प्रदेश की समृद्धि और विकास के लिए की प्रार्थना
मिर्जापुर:विंध्याचल स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ में मंगलवार को उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पहुंचकर मां विंध्यवासिनी के दर्शन और पूजन किया। धार्मिक आस्था से जुड़े इस कार्यक्रम में उन्होंने विधि विधान के साथ पूजा अर्चना कर प्रदेश के नागरिकों के सुख समृद्धि और विकास की कामना की। मंदिर परिसर में उनके आगमन के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही तथा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम भी किए गए थे।
पूजन के दौरान प्रदेश की खुशहाली की कामना
दर्शन पूजन के दौरान उप मुख्यमंत्री ने मां विंध्यवासिनी के चरणों में प्रदेश की उन्नति और जनकल्याण के लिए विशेष प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि यह शक्तिपीठ आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है जहां देश भर से श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए आते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मां का आशीर्वाद प्रदेशवासियों को कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान करता है।
अष्टभुजा निरीक्षण गृह में बैठक और समीक्षा
धार्मिक कार्यक्रम के उपरांत केशव प्रसाद मौर्य अष्टभुजा निरीक्षण गृह पहुंचे जहां उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। इस दौरान संगठनात्मक गतिविधियों के साथ क्षेत्रीय विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। इसके बाद उन्होंने जिला स्तरीय समीक्षा बैठक भी की जिसमें विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।
विंध्याचल धाम का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
अपने संबोधन में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि विंध्याचल धाम देश के प्रमुख शक्तिपीठों में शामिल है और यहां की धार्मिक महत्ता बहुत व्यापक है। उन्होंने बताया कि मां विंध्यवासिनी को आदिशक्ति का स्वरूप माना जाता है और उनके दर्शन मात्र से श्रद्धालुओं को आत्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है। उन्होंने यह भी कहा कि यह धाम भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की जीवंत पहचान है।
अन्य प्रमुख मंदिरों में भी किए दर्शन
विंध्याचल प्रवास के दौरान उप मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी जाकर पूजा अर्चना की। उन्होंने काली खोह मंदिर भैरव नाथ मंदिर और अष्टभुजा मंदिर में विधिवत दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। ये सभी मंदिर धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं और विंध्याचल क्षेत्र में देवी उपासना की परंपरा को मजबूत करते हैं। श्रद्धालु इन मंदिरों की परिक्रमा को विशेष महत्व देते हैं।
प्रदेश के विकास को लेकर व्यक्त की प्रतिबद्धता
अपने संबोधन के अंत में केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश निरंतर विकास और प्रगति के मार्ग पर अग्रसर है और सरकार जनहित के कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ा रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों के जीवन में सुख शांति और समृद्धि बनाए रखने की कामना करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य सभी वर्गों तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
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