भोजपुरी सिनेमा के तीन बड़े नाम खेसारी लाल यादव पवन सिंह और रवि किशन एक बार फिर सुर्खियों में हैं। मंच से दिए गए बयानों और आपसी तंज ने भोजपुरी इंडस्ट्री की पुरानी खींचतान को दोबारा तेज कर दिया है। हाल ही में एक स्टेज कार्यक्रम के दौरान खेसारी लाल यादव ने भाजपा सांसद और अभिनेता रवि किशन पर सीधा हमला बोलते हुए तीखी टिप्पणी की और उनकी मिमिक्री भी की। इस बयान के बाद भोजपुरी फिल्म जगत में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
स्टेज से बोलते हुए खेसारी लाल यादव ने साफ शब्दों में कहा कि कोई उनके पिता बनने की कोशिश न करे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके पिता का नाम मंगरु यादव है और इस पहचान पर उन्हें गर्व है। खेसारी का यह बयान गोरखपुर महोत्सव में दिए गए रवि किशन के एक पुराने बयान की प्रतिक्रिया माना जा रहा है। उस कार्यक्रम में रवि किशन ने बिना नाम लिए इंडस्ट्री के एक अभिनेता पर टिप्पणी की थी जिसे खेसारी से जोड़कर देखा गया।
खेसारी ने अपने संबोधन में इशारों इशारों में पवन सिंह पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि मजाक उन्हीं से करना चाहिए जिनका पेट निकला हुआ हो और आगे यह भी जोड़ा कि कुछ लोग दो पैग में ही संतुलन खो बैठते हैं। खेसारी के समर्थकों का दावा है कि यह टिप्पणी पवन सिंह की ओर संकेत थी। इससे पहले भी दोनों कलाकारों के बीच बयानबाजी और परोक्ष आरोप सामने आते रहे हैं।
इस पूरे विवाद की जड़ गोरखपुर महोत्सव को माना जा रहा है जहां रवि किशन ने मंच से कहा था कि इंडस्ट्री में एक कलाकार पहले सम्मान जताता था और बाद में उसके व्यवहार में बदलाव आ गया। इसके जवाब में कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम में खेसारी ने वही संवाद दोहराते हुए रवि किशन की शैली में बोलकर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर दोनों के वीडियो तेजी से वायरल हुए।
विवाद उस समय और गहराया जब पांच जनवरी को पवन सिंह के जन्मदिन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया जिसमें वह लड़खड़ाते नजर आए। इसके बाद खेसारी का एक और वीडियो वायरल हुआ जिसमें उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि कुछ लोग इतना पी लेते हैं कि पूरा शरीर हिलने लगता है। इस बयान को भी पवन सिंह से जोड़कर देखा गया।
भोजपुरी सिनेमा में इस तरह के टकराव पहले भी सामने आते रहे हैं। सवाल यह है कि यह विवाद व्यक्तिगत नाराजगी का परिणाम है या फिर मंच और सोशल मीडिया पर चर्चा में बने रहने की रणनीति। फिलहाल इतना तय है कि खेसारी लाल यादव पवन सिंह और रवि किशन की यह तिकड़ी एक बार फिर भोजपुरी इंडस्ट्री के केंद्र में आ गई है और आने वाले दिनों में इस जुबानी जंग पर सभी की नजर बनी रहेगी।
