लखनऊ में बड़ा फर्जीवाड़ा: सचिवालय में नौकरी दिलाने के नाम पर 60 लाख की ठगी, आठ के खिलाफ मुकदमा दर्ज
प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे संतकबीरनगर जिले के पांच युवकों के साथ नौकरी दिलाने के नाम पर करीब 60 लाख रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जालसाजों ने सचिवालय में नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवकों से मोटी रकम ऐंठ ली और उन्हें जाली नियुक्ति पत्र थमा दिए। जब पीड़ित लखनऊ में ज्वाइनिंग के लिए पहुंचे तो पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
प्रत्येक युवक से लिए गए 12-12 लाख रुपये
पीड़ित अभिषेक यादव, रितेश यादव, सुनील कुमार, संदीप कुमार और विजय कुमार यादव, जो संतकबीरनगर के निवासी हैं, लखनऊ में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। अभिषेक यादव के अनुसार उनकी मुलाकात दीपक दुआ नामक व्यक्ति से हुई, जिसने उन्हें नौकरी दिलाने का झांसा दिया।
दीपक ने बताया कि उसका रिश्तेदार अजीत सिंह विभिन्न विभागों में भर्ती कराने का काम करता है और उसकी उच्च अधिकारियों तक पहुंच है। इसके बाद युवकों की मुलाकात अजीत सिंह समेत अन्य लोगों से कराई गई, जिन्होंने सचिवालय में भर्ती कराने का दावा किया।
मूल दस्तावेज और किस्तों में ली रकम
आरोपितों ने प्रत्येक युवक से 12-12 लाख रुपये की मांग की। पहले चरण में छह-छह लाख रुपये नकद लिए गए और साथ ही मूल शैक्षिक दस्तावेज भी जमा करा लिए गए। इसके अलावा मोहम्मद इस्माइल के खाते में भी करीब 4.74 लाख रुपये ट्रांसफर कराए गए।
करीब एक माह बाद आरोपितों ने मड़ियांव बुलाकर सभी को कथित नियुक्ति पत्र सौंपे और शेष रकम के रूप में करीब 26 लाख रुपये और ले लिए।
ज्वाइनिंग के समय खुला फर्जीवाड़ा
नियुक्ति पत्र मिलने के बाद जब सभी युवक सचिवालय में ज्वाइनिंग के लिए पहुंचे तो वहां अधिकारियों ने पत्रों को फर्जी बताया। इसके बाद पीड़ितों को ठगी का एहसास हुआ।
आरोप है कि शिकायत करने पर आरोपितों ने उन्हें दिल्ली बुलाकर किसी अन्य विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देने की कोशिश भी की।
आठ आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
पीड़ितों ने डीसीपी उत्तरी गोपाल कृष्ण चौधरी से शिकायत की। प्रारंभिक जांच में मामला सही पाए जाने पर मड़ियांव थाना पुलिस ने आठ आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
आरोपितों में प्रयागराज निवासी दीपक दुआ और उसकी बहन ज्योति दुआ, दिल्ली के नजफगढ़ निवासी अजीत सिंह व उसकी पत्नी मुकेश लता, कुशीनगर निवासी मोहम्मद इस्माइल, बेगम नूरजहां, बागपत निवासी मोनू और गुरुग्राम निवासी रवि कटारिया शामिल हैं।
पुलिस जांच में जुटी
इंस्पेक्टर मड़ियांव शिवानंद मिश्र ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने इस तरह की ठगी और कितने लोगों के साथ की है।
युवाओं से सतर्क रहने की अपील
पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि नौकरी के नाम पर किसी भी अनजान व्यक्ति पर भरोसा न करें और किसी को भी अपने मूल दस्तावेज या बड़ी रकम न सौंपें। सरकारी नौकरियों की प्रक्रिया केवल आधिकारिक माध्यमों से ही होती है।
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