मणिकर्णिका घाट कॉरिडोर निर्माण में आई तेजी, प्रशासन ने बढ़ाई सक्रियता

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Mridul Kumar Tiwari
Mridul Kumar Tiwari is the Editor-in-Chief of News Report, a registered Hindi newspaper dedicated to credible, independent, and public-interest journalism. He oversees editorial operations, newsroom standards,...
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मणिकर्णिका घाट कॉरिडोर के निर्माण स्थल पर बढ़ी गतिविधियां

मणिकर्णिका घाट कॉरिडोर: विरोध के बाद निर्माण कार्य में आई तेजी

वाराणसी के मणिकर्णिका घाट कॉरिडोर को लेकर पिछले कुछ समय से चले आ रहे विरोध और स्थानीय स्तर पर उठी आपत्तियों के बाद अब निर्माण कार्य में तेजी देखी जा रही है। प्रशासन की ओर से परियोजना को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के लिए अतिरिक्त संसाधन लगाए गए हैं। घाट क्षेत्र में मशीनों की आवाजाही और श्रमिकों की बढ़ी संख्या से स्पष्ट है कि काम को प्राथमिकता दी जा रही है।

स्थानीय विरोध के बाद प्रशासन की सक्रियता बढ़ी

कॉरिडोर निर्माण को लेकर कुछ स्थानीय नागरिकों, पुजारियों और व्यापारियों ने परंपरागत स्वरूप, पहुंच मार्ग और संरचनात्मक बदलावों को लेकर चिंता जताई थी। विरोध के बाद संबंधित विभागों ने स्थल निरीक्षण किया और तकनीकी समीक्षा के आधार पर कुछ सुधारात्मक कदम उठाए। प्रशासन का कहना है कि धार्मिक महत्व और ऐतिहासिक स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए विकास कार्य किया जा रहा है।

निर्माण स्थल पर बढ़ी गतिविधियां

घाट क्षेत्र में इन दिनों निर्माण सामग्री की आपूर्ति तेज कर दी गई है। जेसीबी, मिक्सर मशीन और अन्य उपकरण लगातार कार्यरत हैं। सुबह से देर शाम तक श्रमिकों की सक्रियता बनी रहती है। परियोजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

अंतिम संस्कार व्यवस्था प्रभावित न हो, इस पर विशेष ध्यान

मणिकर्णिका घाट देश के प्रमुख श्मशान घाटों में से एक है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में अंतिम संस्कार होते हैं। निर्माण कार्य के दौरान धार्मिक गतिविधियों में व्यवधान न हो, इसके लिए वैकल्पिक मार्ग और अस्थायी व्यवस्था बनाई गई है। अधिकारियों का दावा है कि आम जन और श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोपरि है।

विरासत और विकास के बीच संतुलन की चुनौती

परियोजना के तहत घाट क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था, जल निकासी, मार्ग सुधार और साफ-सफाई की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों पर विकास कार्य करते समय सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करना सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि निर्माण कार्य पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।

मणिकर्णिका घाट कॉरिडोर को वाराणसी के समग्र घाट विकास योजना की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। विरोध के बाद तेज हुए कार्य से यह संकेत मिल रहा है कि परियोजना को लेकर प्रशासन गंभीर है और इसे समय पर पूरा करने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।