मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार के दौरान खूनी संघर्ष, अभिषेक सिंह पर लाठी डंडों से हमला
चौक थाना क्षेत्र में 9 अक्टूबर की घटना, घायल युवक बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती, छह नामजद और एक अज्ञात समेत सात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
वाराणसी। काशी के प्रसिद्ध महाश्मशान मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार के दौरान दो पक्षों के बीच हुई मारपीट की घटना ने घाट की व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अंतिम विदाई की रस्में चल रही थीं, इसी दौरान विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि कुछ लोगों ने चोलापुर क्षेत्र के गोपपुर निवासी अभिषेक सिंह पर लाठी डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर बेहोश हो गया। परिजन उसे उपचार के लिए बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले गए, जहां उसका इलाज चल रहा है। मामले में चौक थाना पुलिस ने छह नामजद और एक अज्ञात व्यक्ति समेत कुल सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
चंदौली से बहनोई के अंतिम संस्कार के लिए काशी आया था परिवार
पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक, घटना 9 अक्टूबर को मणिकर्णिका घाट पर हुई। चंदौली जिले के रामगढ़ निवासी रमेश सिंह ने बताया कि उनके बहनोई बंशनारायण सिंह का निधन हो गया था। उनके अंतिम संस्कार की रस्में पूरी करने के लिए वह अपने परिजनों के साथ वाराणसी आए थे। घाट पर शवदाह की प्रक्रिया चल रही थी, तभी वहां कुछ स्थानीय लोग पहुंचे। आरोप है कि इस दौरान रमेश सिंह के भांजे अभिषेक सिंह के साथ कहासुनी हुई। शिकायत के अनुसार, अभिषेक को जातिसूचक शब्द कहे गए और गाली गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि स्थिति संभलने से पहले ही आरोपियों ने अभिषेक को घेर लिया और उस पर हमला कर दिया। पुलिस मामले में दर्ज शिकायत और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच कर रही है।
लाठी डंडों और धारदार हथियारों से हमले का आरोप
रमेश सिंह की ओर से दी गई शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने अभिषेक सिंह को घेरकर जमीन पर गिराया और उसके साथ मारपीट की। आरोप है कि लाठी डंडों और धारदार हथियारों से किए गए हमले में युवक के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। वह खून से लथपथ होकर घाट पर ही बेहोश हो गया। घटना के समय घाट पर अंतिम संस्कार के लिए आए अन्य लोग और पुरोहित भी मौजूद थे। अचानक हुई हिंसा से वहां अफरा तफरी का माहौल बन गया। परिजनों ने घायल युवक को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की और उसे बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। युवक की हालत चिंताजनक होने की बात सामने आई है। उसकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति के बारे में विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए उपचार की प्रगति और चोटों की गंभीरता से संबंधित अंतिम स्थिति चिकित्सकीय जानकारी के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।
चौक थाना पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी
घटना की सूचना मिलने के बाद चौक थाना पुलिस मौके पर पहुंची। चौक थाना प्रभारी विजय कुमार शुक्ला के अनुसार, घायल युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया और पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। प्राथमिकी में ऋषिकेश चौधरी निवासी जंसा वाराणसी, बादल चौधरी निवासी रामेश्वरम जंसा, गोलू चौधरी, शनि चौधरी निवासी मीरघाट वाराणसी, गुड्डू चौधरी निवासी बड़ी गैबी वाराणसी और अनिल चौधरी निवासी मीरघाट वाराणसी के नाम शामिल हैं। इनके अलावा एक अज्ञात व्यक्ति को भी आरोपी बनाया गया है। इस तरह मामले में कुल सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत साक्ष्यों और जांच के आधार पर की जाएगी।
सभी सात आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी
मामले में पुलिस की कार्रवाई के संबंध में चौक थाना प्रभारी विजय कुमार शुक्ला ने बताया कि सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि मणिकर्णिका घाट जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल पर हुई इस घटना को गंभीरता से लिया गया है और मामले की विवेचना जारी है। केस की जांच उपनिरीक्षक हिमांशु मिश्रा को सौंपी गई है। पुलिस की ओर से घटना के कारणों, मारपीट में शामिल लोगों की भूमिका और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। गिरफ्तारी के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी। घटना से संबंधित साक्ष्यों और गवाहों के बयान जांच की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होंगे।
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