शहरों में पाइपलाइन के माध्यम से होने वाली गैस आपूर्ति को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए अब एक नई व्यवस्था पर काम शुरू कर दिया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी एक शहर की मुख्य वितरण लाइन के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में गैस आपूर्ति पूरी तरह ठप न हो। बागपत में हुई गंभीर घटना से सबक लेते हुए यह फैसला किया गया है कि अब आसपास के शहरों की गैस पाइपलाइन को आपस में जोड़ा जाएगा ताकि आपात स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था तुरंत सक्रिय की जा सके।
मेरठ से इस योजना की शुरुआत कर दी गई है। यहां गेल गैस लिमिटेड ने इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड की पाइपलाइनों से जुड़ने का विस्तार कार्य शुरू कर दिया है। एक ओर मेरठ की लाइन को हापुड़ जिले की आपूर्ति लाइन से जोड़ा जा रहा है जबकि दूसरी ओर गाजियाबाद के मोदीनगर क्षेत्र से कनेक्शन बनाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार यह कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है और भविष्य में इसी मॉडल को मुजफ्फरनगर शामली और अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा।
दरअसल बागपत जिले के मवीकलां क्षेत्र में हुई घटना ने गैस आपूर्ति व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर दिया था। वहां मुख्य वितरण पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के बाद तीन दिनों तक गैस की आपूर्ति पूरी तरह बंद रही थी। उस समय आपूर्ति बनाए रखने के लिए मेरठ से सीएनजी सिलेंडर टैंकर भेजने पड़े थे। इसके चलते मेरठ के चार सीएनजी स्टेशन बंद करने पड़े थे और आम उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था। यदि ऐसी स्थिति किसी बड़े स्तर पर दोबारा उत्पन्न होती तो संकट और भी गहरा हो सकता था।
इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए गेल कंपनी ने निर्देश दिए हैं कि शहरों की गैस पाइपलाइन को सीमावर्ती जिलों की लाइनों से जोड़ा जाए। मेरठ में गेल गैस लिमिटेड की आपूर्ति है जबकि हापुड़ गाजियाबाद शामली और मुजफ्फरनगर में इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड गैस सप्लाई करती है। बागपत जिले में एक निजी कंपनी द्वारा आपूर्ति की जाती है। इस योजना के तहत अलग अलग कंपनियों की पाइपलाइन को जिला सीमा के पास आपस में जोड़ा जाएगा ताकि किसी भी आपात स्थिति में वैकल्पिक सप्लाई तुरंत शुरू की जा सके।
गेल गैस लिमिटेड के मेरठ क्षेत्र के महाप्रबंधक विनय कुमार ने बताया कि इस नई व्यवस्था में जिला बार्डर पर दोनों शहरों की पाइपलाइन के बीच लगभग पचास मीटर का सुरक्षित अंतर रखा जाएगा। यदि किसी कारण से मुख्य आपूर्ति लाइन क्षतिग्रस्त होती है तो आपात स्थिति में दो घंटे के भीतर खुदाई कर संबंधित शहर की लाइन को पड़ोसी जिले की लाइन से जोड़ दिया जाएगा। इससे गैस ब्लैकआउट जैसी स्थिति से बचा जा सकेगा और उपभोक्ताओं को लगातार आपूर्ति मिलती रहेगी।
उल्लेखनीय है कि बागपत के मवीकलां क्षेत्र में ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे के पास यमुना नदी के समीप गेल कंपनी की प्राकृतिक गैस पाइपलाइन 16 अगस्त की दोपहर तेज धमाके के साथ दो स्थानों पर फट गई थी। इसके बाद गौना स्थित केंद्र से गैस सप्लाई बंद करनी पड़ी थी जिससे उत्तर प्रदेश हरियाणा और दिल्ली के कुछ हिस्सों में गैस आपूर्ति बाधित हो गई थी। उस पाइपलाइन को हरियाणा के सोनीपत जिले की लाइन से जोड़ने में करीब तीन दिन का समय लगा था। अब नई योजना के जरिए भविष्य में ऐसी किसी भी स्थिति से निपटने की तैयारी की जा रही है।
