गणतंत्र दिवस के दिन मेरठ और एनसीआर में मौसम खुशनुमा बना रहा और तेज धूप के कारण ठंड का असर काफी हद तक कम हो गया। लोगों ने उत्साह और उल्लास के साथ राष्ट्रीय पर्व मनाया और कई स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिनमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। हालांकि शाम से मौसम में बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण देर रात से बादल छाने और बरसात शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार यह बदलाव पहाड़ी क्षेत्रों के साथ साथ मैदानी इलाकों में भी असर दिखाएगा।
हिमालय क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव 27 और 28 जनवरी तक स्पष्ट रूप से देखने को मिलेगा। अनुमान है कि इस दौरान मेरठ और एनसीआर के कई हिस्सों में बरसात होगी और तीन से चार चरणों में वर्षा के दौर देखने को मिल सकते हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 27 जनवरी की सुबह से वर्षा की तीव्रता बढ़ सकती है और इसका दायरा लखनऊ और कानपुर तक फैलने की संभावना है। इससे एक बार फिर ठंड का असर बढ़ेगा और दिन का तापमान गिरकर 16 डिग्री सेल्सियस या उससे नीचे जा सकता है।
इससे पहले वसंत पंचमी के अवसर पर मेरठ में हुई वर्षा को मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण माना गया था। करीब सौ दिन के अंतराल के बाद हुई इस बरसात ने पूरे महीने की औसत वर्षा का कोटा लगभग पूरा कर दिया था। उस दौरान 24 घंटे में 20.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी जिसे गेहूं और गन्ने की फसल के लिए लाभकारी बताया गया। आने वाली बरसात भी कृषि के दृष्टिकोण से अनुकूल मानी जा रही है हालांकि ठंड बढ़ने से लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक मौसम में उतार चढ़ाव बने रहने की संभावना जताई है।
