News Report : Varanasi Hindi News | वाराणसी की हिंदी न्यूज़, हिंदी समाचार, Hindi Samachar, Latest News in Hindi और Breaking News in Hindi की ताजा ख़बरें
JOIN US
  • वाराणसी
  • उत्तर प्रदेश
  • वाराणसी पुलिस
  • पुलिस कार्रवाई
  • Uttar Pradesh News
  • Crime News
  • गिरफ्तारी
  • वाराणसी समाचार
LATEST NEWS
रामनगर में इको-फ्रेंडली दुर्गा पूजा पंडाल देगा पर्यावरण संरक्षण का संदेश
वाराणसी: केदार घाट पर गंगा में डूबते युवकों को आरक्षी रोहित और अरशद ने बचाया, टली अनहोनी
मतदाता सूची पर सवाल: साझा संस्कृति मंच ने राष्ट्रपति को सौंपा 5 सूत्री मांग पत्र
राघोपुर में नाव पलटी, गंगा में डूबे 13 बच्चों की मौत, PM और CM ने की सहायता की घोषणा
राजेंद्र शंकर सिंह पटेल बने भाजपा किसान मोर्चा महानगर अध्यक्ष, रामनगर में भव्य स्वागत
नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की आराधना: काशी में महत्व और पूजा विधि
रामनगर में विधायक सौरभ श्रीवास्तव का स्नातक प्रत्याशी केदारनाथ सिंह के लिए जनसंपर्क अभियान
वाराणसी में मां चंद्रघंटा के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु: नवरात्रि का तीसरा दिन
चंदौली के जिला पूर्ति अधिकारी मनीष विक्रम का निधन, प्रशासनिक महकमे में शोक की लहर
वाराणसी स्नातक चुनाव: रामनगर में सपा की बैठक, आशुतोष सिन्हा के समर्थन में जुटे कार्यकर्ता
News ReportNews Report
  • Home
  • India
  • Delhi
  • Uttar Pradesh
  • Bihar
  • Varanasi
Search
  • World
  • India
  • Uttar Pradesh
  • Entertainment
  • Varanasi
  • Prayagraj
  • Bihar
  • Lucknow
  • Kanpur
  • Meerut
  • Ghazipur
  • Read History
Follow US
devotional

नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की आराधना: काशी में महत्व और पूजा विधि

Sandeep Srivastava Sub Editor News Report Newspaper
Last updated: 14/10/2026 09:10
By
Sandeep Srivastava
Sandeep Srivastava Sub Editor News Report Newspaper
BySandeep Srivastava
Sandeep Srivastava serves as a Sub Editor at News Report, a registered Hindi newspaper dedicated to ethical, accurate, and reader-focused journalism. He is responsible for copy...
Follow:
Share
9 Min Read
मां कूष्मांडा का अष्टभुजा स्वरूप, सिंह पर सवार, हाथ में कमंडल और अन्य प्रतीक
नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा कर भक्त सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
Contents
  • नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की आराधना का विशेष महत्व
  • अष्टभुजा स्वरूप में विराजमान हैं मां कूष्मांडा
  • मां कूष्मांडा की पौराणिक कथा
  • मां कूष्मांडा की पूजा विधि और मंत्र
  • काशी के दुर्गाकुंड मंदिर में नवरात्रि का विशेष महत्व
  • सुख शांति और सकारात्मकता का संदेश देती है मां की आराधना

नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की आराधना का विशेष महत्व

वाराणसी। देवो के देव महादेव की नगरी काशी में शारदीय नवरात्रि के चौथे दिन मां दुर्गा के चतुर्थ स्वरूप मां कूष्मांडा की आराधना की जाती है। देवी दुर्गा के इस स्वरूप को सृष्टि की रचनाकार आदिशक्ति के रूप में पूजा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां कूष्मांडा ने अपनी दिव्य मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना की और समस्त सृष्टि में प्रकाश तथा ऊर्जा का संचार किया। नवरात्रि के इस पावन अवसर पर श्रद्धालु मां के चरणों में शीश नवाकर परिवार की सुख शांति आरोग्य समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना करते हैं। वाराणसी के दुर्गाकुंड स्थित प्रसिद्ध दुर्गा मंदिर में नवरात्रि के दौरान विशेष धार्मिक गतिविधियां होती हैं। हालांकि संबंधित दिन मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ और दर्शन के लिए लगी कतारों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की उपासना के लिए समर्पित है। प्रत्येक दिन देवी के एक विशेष स्वरूप की पूजा की जाती है। नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की आराधना का विधान है। धार्मिक विश्वास है कि मां अपने भक्तों को ऊर्जा साहस और सकारात्मकता का आशीर्वाद प्रदान करती हैं। श्रद्धालु विधि विधान से पूजा अर्चना कर जीवन की परेशानियों से मुक्ति परिवार में सुख समृद्धि और समाज में शांति की प्रार्थना करते हैं। काशी की धार्मिक परंपरा में नवरात्रि के दौरान देवी उपासना का विशेष स्थान है। इस अवसर पर घरों और मंदिरों में दुर्गा सप्तशती देवी स्तुति और अन्य धार्मिक पाठ किए जाते हैं।

अष्टभुजा स्वरूप में विराजमान हैं मां कूष्मांडा

धार्मिक चित्रण में मां कूष्मांडा को आठ भुजाओं वाली देवी के रूप में दर्शाया गया है। इसी कारण उन्हें अष्टभुजा देवी भी कहा जाता है। उनके हाथों में कमंडल धनुष बाण कमल अमृत कलश चक्र गदा और जपमाला जैसे प्रतीक दर्शाए जाते हैं। देवी का वाहन सिंह माना गया है। उनके इस स्वरूप को शक्ति साहस पराक्रम और सृजन का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां कूष्मांडा का तेज सूर्य के समान है और उनका संबंध जीवन को ऊर्जा प्रदान करने वाली शक्ति से जोड़ा जाता है। भक्त देवी के स्वरूप का ध्यान करते हुए अपने भीतर आत्मविश्वास धैर्य और सकारात्मक सोच विकसित करने की कामना करते हैं।

पौराणिक मान्यताओं में मां कूष्मांडा को ब्रह्मांड की मूल सृजन शक्ति बताया गया है। उनका स्वरूप यह संदेश देता है कि प्रकाश ऊर्जा और सृजन जीवन के आधार हैं। नवरात्रि के चौथे दिन उनकी पूजा करने वाले श्रद्धालु अपने जीवन में नई ऊर्जा का संचार होने और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति प्राप्त करने की प्रार्थना करते हैं। देवी की आराधना में श्रद्धा और मन की एकाग्रता को विशेष महत्व दिया जाता है।

मां कूष्मांडा की पौराणिक कथा

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सृष्टि की उत्पत्ति से पहले चारों ओर अंधकार व्याप्त था। उस समय न सूर्य था न चंद्रमा और न ही वर्तमान स्वरूप में संसार का अस्तित्व था। ऐसी मान्यता है कि आदिशक्ति मां दुर्गा ने अपनी दिव्य मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना की और सृष्टि में प्रकाश का संचार किया। इसी कारण देवी के इस स्वरूप को मां कूष्मांडा के नाम से जाना जाता है। धार्मिक परंपरा में उन्हें समस्त चराचर जगत की सृजनकर्ता शक्ति के रूप में स्मरण किया जाता है।

More Read

रामनगर में इको-फ्रेंडली दुर्गा पूजा पंडाल का मॉडल
रामनगर में इको-फ्रेंडली दुर्गा पूजा पंडाल देगा पर्यावरण संरक्षण का संदेश
वाराणसी: केदार घाट पर गंगा में डूबते युवकों को आरक्षी रोहित और अरशद ने बचाया, टली अनहोनी
मतदाता सूची पर सवाल: साझा संस्कृति मंच ने राष्ट्रपति को सौंपा 5 सूत्री मांग पत्र
राजेंद्र शंकर सिंह पटेल बने भाजपा किसान मोर्चा महानगर अध्यक्ष, रामनगर में भव्य स्वागत

मां कूष्मांडा की कथा का आध्यात्मिक संदेश आशा और सकारात्मकता से जुड़ा है। जिस प्रकार धार्मिक मान्यता में देवी की मुस्कान को अंधकार दूर कर प्रकाश उत्पन्न करने वाली शक्ति के रूप में देखा जाता है उसी प्रकार भक्त इस कथा से निराशा के बीच उम्मीद बनाए रखने की प्रेरणा लेते हैं। नवरात्रि में मां की उपासना करते हुए श्रद्धालु परिवार में प्रेम सद्भाव और खुशहाली बनाए रखने तथा जीवन की कठिनाइयों का धैर्यपूर्वक सामना करने की प्रार्थना करते हैं।

मां कूष्मांडा की पूजा विधि और मंत्र

नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा प्रातः स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करके की जाती है। इसके बाद पूजा स्थल की सफाई कर मां दुर्गा की प्रतिमा अथवा चित्र के सामने दीपक जलाया जाता है। श्रद्धालु अपनी परंपरा के अनुसार रोली अक्षत पुष्प धूप दीप और फल अर्पित कर देवी का ध्यान करते हैं। इसके बाद दुर्गा चालीसा देवी स्तुति अथवा अन्य धार्मिक पाठ किए जाते हैं। पूजा के अंत में आरती कर परिवार और समाज के कल्याण की कामना की जाती है।

मां कूष्मांडा का प्रचलित मंत्र है ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः। श्रद्धालु इस मंत्र का जाप करते हुए देवी के दिव्य स्वरूप का स्मरण करते हैं। परंपरागत रूप से 108 बार मंत्र जाप करने की मान्यता प्रचलित है। भक्त अपनी श्रद्धा और धार्मिक परंपरा के अनुसार मंत्र जाप कर सकते हैं। देवी की स्तुति में या देवी सर्वभूतेषु मां कूष्मांडा रूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः का पाठ भी किया जाता है। इस स्तुति के माध्यम से देवी के व्यापक स्वरूप को नमन किया जाता है।

More Read

विधायक सौरभ श्रीवास्तव रामनगर में मतदाताओं से संवाद करते हुए जनसंपर्क कर रहे हैं।
रामनगर में विधायक सौरभ श्रीवास्तव का स्नातक प्रत्याशी केदारनाथ सिंह के लिए जनसंपर्क अभियान
वाराणसी में मां चंद्रघंटा के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु: नवरात्रि का तीसरा दिन
वाराणसी: मां ब्रह्मचारिणी के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब, जयकारों से गूंजी काशी
वाराणसी में चीनी मांझे से साड़ी कारोबारी की मौत, एक और घायल; सुरक्षा पर सवाल

पूजा में स्वच्छता श्रद्धा और एकाग्रता का विशेष महत्व माना जाता है। मां को फल मिठाई और अन्य सात्विक प्रसाद अर्पित किए जाते हैं। धार्मिक परंपरा में मां कूष्मांडा को मालपुए का भोग लगाने की मान्यता भी प्रचलित है। पूजा के बाद आरती कर प्रसाद वितरित किया जाता है। श्रद्धालु देवी से परिवार की सुख शांति और सभी के कल्याण की प्रार्थना करते हैं।

काशी के दुर्गाकुंड मंदिर में नवरात्रि का विशेष महत्व

वाराणसी के दुर्गाकुंड क्षेत्र में स्थित दुर्गा मंदिर काशी के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। मां दुर्गा को समर्पित इस मंदिर में वर्षभर श्रद्धालु दर्शन पूजन के लिए पहुंचते हैं। नवरात्रि के दौरान मंदिर में देवी उपासना का विशेष धार्मिक महत्व रहता है। इस पर्व पर भक्त मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों का स्मरण करते हुए पूजा अर्चना करते हैं और अपनी मनोकामनाएं व्यक्त करते हैं। मंदिर की धार्मिक परंपरा काशी की प्राचीन आस्था और देवी उपासना से जुड़ी हुई है।

नवरात्रि के दौरान मंदिरों में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं के लिए धैर्य बनाए रखना और स्वच्छता का ध्यान रखना आवश्यक है। बुजुर्गों बच्चों और जरूरतमंद श्रद्धालुओं की सुविधा का ख्याल रखना भी महत्वपूर्ण है। दर्शन के दौरान मंदिर प्रशासन के निर्देशों का पालन करने से पूजा व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग मिलता है। श्रद्धालु देवी के चरणों में पुष्प और प्रसाद अर्पित कर सुख समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना करते हैं।

सुख शांति और सकारात्मकता का संदेश देती है मां की आराधना

मां कूष्मांडा की आराधना का आध्यात्मिक संदेश सृजन ऊर्जा विश्वास और सकारात्मकता से जुड़ा है। नवरात्रि का यह दिन श्रद्धालुओं को जीवन में आशा बनाए रखने और अपने कर्तव्यों का पालन करने की प्रेरणा देता है। देवी के प्रति आस्था रखने वाले भक्त परिवार की खुशहाली के साथ समाज में शांति सद्भाव और परस्पर सहयोग की कामना भी करते हैं। मां की उपासना के माध्यम से लोग अपने जीवन में धैर्य और आत्मविश्वास को मजबूत करने का संकल्प लेते हैं।

काशी में नवरात्रि का पर्व धार्मिक आस्था और साधना का महत्वपूर्ण अवसर है। मां कूष्मांडा की पूजा के साथ श्रद्धालु जीवन में प्रकाश ऊर्जा और नई उम्मीदों का स्वागत करते हैं। भक्त मां से प्रार्थना करते हैं कि सभी परिवारों में सुख शांति बनी रहे लोगों के बीच प्रेम और सद्भाव बढ़े तथा प्रत्येक व्यक्ति को जीवन की चुनौतियों का सामना करने की शक्ति मिले।

Share on WhatsApp
TAGGED:काशीदुर्गा पूजाधार्मिक मान्यताएंनवरात्रिमां कूष्मांडावाराणसीशक्ति उपासना
Previous Article विधायक सौरभ श्रीवास्तव रामनगर में मतदाताओं से संवाद करते हुए जनसंपर्क कर रहे हैं। रामनगर में विधायक सौरभ श्रीवास्तव का स्नातक प्रत्याशी केदारनाथ सिंह के लिए जनसंपर्क अभियान
Next Article भाजपा किसान मोर्चा महानगर अध्यक्ष राजेंद्र शंकर सिंह पटेल का रामनगर में स्वागत करते कार्यकर्ता राजेंद्र शंकर सिंह पटेल बने भाजपा किसान मोर्चा महानगर अध्यक्ष, रामनगर में भव्य स्वागत
Latest
रामनगर में इको-फ्रेंडली दुर्गा पूजा पंडाल का मॉडल

रामनगर में इको-फ्रेंडली दुर्गा पूजा पंडाल देगा पर्यावरण संरक्षण का संदेश

गंगा में डूबते युवकों को बचाते पुलिसकर्मी

वाराणसी: केदार घाट पर गंगा में डूबते युवकों को आरक्षी रोहित और अरशद ने बचाया, टली अनहोनी

वाराणसी में साझा संस्कृति मंच के सदस्य जिलाधिकारी को राष्ट्रपति के नाम मांग पत्र सौंपते हुए।

मतदाता सूची पर सवाल: साझा संस्कृति मंच ने राष्ट्रपति को सौंपा 5 सूत्री मांग पत्र

गंगा नदी में पलटी नाव के बाद बचाव कार्य करते ग्रामीण और गोताखोर

राघोपुर में नाव पलटी, गंगा में डूबे 13 बच्चों की मौत, PM और CM ने की सहायता की घोषणा

भाजपा किसान मोर्चा महानगर अध्यक्ष राजेंद्र शंकर सिंह पटेल का रामनगर में स्वागत करते कार्यकर्ता

राजेंद्र शंकर सिंह पटेल बने भाजपा किसान मोर्चा महानगर अध्यक्ष, रामनगर में भव्य स्वागत

Follow us on
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
WhatsAppFollow
LinkedInFollow
News Report : Varanasi Hindi News | वाराणसी की हिंदी न्यूज़, हिंदी समाचार, Hindi Samachar, Latest News in Hindi और Breaking News in Hindi की ताजा ख़बरें
News Report — a registered newspaper under the Press Registrar General of India (PRGI), with Registration Number: UPHIN/25/A0643, We are your trusted source for Hindi news, delivering accurate, fast, and reliable updates from India and across the globe.
  • About us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Service
  • Ethics Policy
  • Corrections Policy
  • Editorial Policy
  • Editorial Team
  • RSS
  • Join us
© 2026 News Report. All Rights Reserved. This website follows the DNPA Code of Ethics.

Share Newspaper Image

Preparing image…

Newspaper preview
⬇ Download Image