गणतंत्र दिवस से दो दिन पहले पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर हुए ब्लास्ट के मामले में अब जांच का दायरा और व्यापक हो गया है। पंजाब पुलिस, इंटेलिजेंस ब्यूरो और काउंटर इंटेलिजेंस के बाद अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी और नेशनल सिक्योरिटी गार्ड भी इस मामले की जांच में सक्रिय रूप से जुड़ गई हैं। केंद्रीय एजेंसियों की मौजूदगी से स्पष्ट है कि इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है।
यह ब्लास्ट शुक्रवार रात करीब 9 बजकर 50 मिनट पर गांव खानपुर के पास पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की रेल लाइन पर हुआ था। घटना के बाद रेलवे पुलिस, पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं। दिल्ली से एनएसजी की बम निरोधक इकाई भी घटनास्थल पर आई और गहन जांच की। टीम ने रेल लाइन और आसपास के क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया और जांच के लिए सैंपल एकत्र किए।
एनएसजी की सर्च के बाद रेलवे को सुरक्षा मंजूरी दे दी गई है। अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान रेल लाइन या आसपास किसी अन्य संदिग्ध वस्तु के संकेत नहीं मिले हैं। इसके साथ ही एनआईए की टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। हालांकि फिलहाल मुख्य जांच की जिम्मेदारी पंजाब पुलिस और जीआरपी के पास ही है।
इस मामले में अब तक दो अलग अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। एक मुकदमा थाना जीआरपी सरहिंद में दर्ज किया गया है, जो न्यू सरहिंद के स्टेशन मास्टर द्वारा भेजे गए मेमो के आधार पर दर्ज हुआ। जीआरपी प्रभारी गुरप्रीत सिंह ने बताया कि रेलवे एक्ट की धारा 150 के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह धारा रेल को जानबूझकर दुर्घटनाग्रस्त करने या ऐसा प्रयास करने से जुड़े अपराधों पर लागू होती है। इसी तरह का एक और मुकदमा थाना फतेहगढ़ साहिब में भी अज्ञात आरोपियों के खिलाफ दर्ज किया गया है।
घटनास्थल से फॉरेंसिक जांच के लिए तीन अलग अलग स्थानों से सैंपल एकत्र किए गए हैं। एनएसजी द्वारा लिए गए सैंपल के अलावा सैंपल्स को सीएसएफएल चंडीगढ़ और मोहाली स्थित स्टेट फॉरेंसिक लैब में भी भेजा गया है। एजेंसियों ने ब्लास्ट से क्षतिग्रस्त इंजन की भी जांच की है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ब्लास्ट किस स्तर का था और उसकी प्रकृति क्या थी। रिपोर्ट के आधार पर ही यह निर्णय लिया जाएगा कि जांच पूरी तरह केंद्रीय एजेंसियों को सौंपी जाए या राज्य पुलिस के स्तर पर ही आगे बढ़ाई जाए। फिलहाल सभी एजेंसियां समन्वय के साथ जांच को आगे बढ़ा रही हैं और हर पहलू की गहनता से पड़ताल की जा रही है।
