पलामू में अपहरण और मारपीट की साजिश नाकाम, पुलिस ने आठ आरोपियों को किया गिरफ्तार
जमीन विवाद और सुपारी किलिंग से जुड़ा मामला, हथियार भी बरामद
पलामू। मेदिनीनगर के शहर थाना क्षेत्र स्थित भट्ठी मोहल्ला में अपहरण और मारपीट के प्रयास के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बड़ी साजिश का पर्दाफाश किया है। इस मामले में आठ आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से अवैध हथियार और जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं।
बुधवार को पुलिस अधीक्षक रीष्मा रमेशन ने पुलिस कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि यह मामला आपसी रंजिश, जमीन विवाद और सुपारी किलिंग से जुड़ा हुआ है, जो समय रहते पुलिस की सतर्कता से विफल कर दिया गया।
ये हैं गिरफ्तार आरोपी
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आठ आरोपितों में अलग-अलग मोहल्लों के युवक शामिल हैं। इनकी पहचान इस प्रकार हुई है:
- सद्दाम कुरैशी (कसाई मोहल्ला)
- वशीम अहमद (कसाई मोहल्ला)
- छोटू चंद्रवंशी (भट्ठी मोहल्ला)
- किशु गुप्ता (भट्ठी मोहल्ला)
- रोशन चंद्रवंशी (भट्ठी मोहल्ला)
- सूरज चंद्रवंशी (बेलवाटिका)
- रितेश चंद्रवंशी (कुंड मोहल्ला, पनेरी गली)
- वसीम अकरम (पहाड़ी मोहल्ला)
पुलिस ने इनके कब्जे से एक 9 एमएम पिस्टल, एक देशी कट्टा और कई जिंदा गोलियां बरामद की हैं। सभी आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
कैसे रची गई साजिश
एसपी के अनुसार पूरे मामले की जड़ में पुराना जमीन विवाद है। पहाड़ी मोहल्ला में स्थित एक जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते एक व्यक्ति ने सद्दाम कुरैशी की हत्या के लिए घायल आनंद कुमार रवि को पांच लाख रुपये की सुपारी दी थी।
इस बात की जानकारी मिलते ही सद्दाम और उसके साथियों ने पलटवार की योजना बनाई और आनंद कुमार का अपहरण कर उसे नुकसान पहुंचाने की साजिश रच डाली।
अपहरण की कोशिश नाकाम
सोमवार रात आरोपी भट्ठी मोहल्ला स्थित आनंद कुमार के घर पहुंचे और उसे अगवा करने का प्रयास किया। लेकिन शोर-शराबा होने पर स्थानीय लोग मौके पर जुट गए, जिससे आरोपियों की योजना विफल हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल आनंद कुमार को तत्काल मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
चेकिंग के दौरान दबोचे गए आरोपी
घटना के बाद शहर थाना प्रभारी ज्योतिलाल रजवार के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर बिसफुट्टा पुल रेलवे अंडरपास के पास चेकिंग अभियान चलाया।
इस दौरान एक काले रंग की स्कार्पियो में सवार आरोपी भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर सभी आठों आरोपितों को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
‘सफेदपोश’ की भूमिका भी जांच के दायरे में
एसपी रीष्मा रमेशन ने बताया कि इस पूरे षड्यंत्र में जिले के एक कथित ‘सफेदपोश’ व्यक्ति की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस ने उस व्यक्ति की पहचान कर ली है और उससे जुड़े तथ्यों की गहन जांच की जा रही है।
उन्होंने संकेत दिया कि जल्द ही इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
छापेमारी दल में शामिल रहे ये अधिकारी
इस सफल कार्रवाई में शहर थाना की टीम के साथ कई पुलिस अधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। छापेमारी दल में शामिल प्रमुख सदस्य इस प्रकार हैं:
- थाना प्रभारी ज्योतिलाल रजवार
- अवर निरीक्षक चंद्रशेखर आजाद
- टीओपी-3 प्रभारी मंटू कुमार
- राकेश कुमार सिंह
- रोहित कुमार
पुलिस की तत्परता से टली बड़ी घटना
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और स्थानीय लोगों की सतर्कता के कारण एक बड़ी आपराधिक घटना टल गई। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती, तो यह मामला गंभीर रूप ले सकता था।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में अपराधियों के खिलाफ सख्त अभियान जारी रहेगा और किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
फिलहाल सभी गिरफ्तार आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
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