काशी में प्रवीण तोगड़िया का संदेश, एकता और चेतना पर जोर

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वाराणसी में काशी प्रवास के दौरान प्रवीण भाई तोगड़िया ने मणिकर्णिका विवाद, संत समाज की एकता और हनुमान चालीसा अभियान पर बात की।

वाराणसी: काशी दौरे पर पहुंचे अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के अध्यक्ष प्रवीण भाई तोगड़िया ने मणिकर्णिका घाट पर अहिल्या बाई होल्कर की प्रतिमा खंडित किए जाने के मामले को लेकर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने इस घटना को सनातन आस्था और सांस्कृतिक विरासत पर आघात बताते हुए कहा कि काशी केवल एक नगर नहीं, बल्कि हिंदू चेतना का केंद्र है। यहां के कोतवाल स्वयं काल भैरव हैं, जो सत्य और असत्य के आधार पर अधर्म करने वालों को दंड अवश्य देंगे।

बुधवार को सिद्ध-गिरी बाग स्थित ध्रुव सोनी के आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रवीण भाई तोगड़िया ने प्रयागराज में संतों से जुड़े हालिया विवाद पर भी प्रशासन की जिम्मेदारी तय की। उन्होंने कहा कि संतों का सम्मानपूर्वक स्नान और उनकी गरिमा की रक्षा करना प्रशासन का कर्तव्य है। इस तरह के विवादों से देश का हिंदू समाज आहत है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “हिंदू बंटेगा तो कटेगा”, लेकिन यहां स्थिति यह है कि संत समाज ही विभाजित दिखाई दे रहा है, जो चिंता का विषय है।

उन्होंने शंकराचार्य और गोरक्षपीठ के संतों से अपील करते हुए कहा कि दोनों पक्ष आपसी संवाद के माध्यम से समस्या का समाधान करें और विवाद को शांत करें, ताकि समाज में सकारात्मक संदेश जाए। तोगड़िया ने कहा कि संत समाज की एकता ही हिंदू समाज की सबसे बड़ी ताकत है और इसके बिना किसी भी चुनौती का सामना करना कठिन होगा।

राजनीतिक विषयों पर बोलते हुए अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के अध्यक्ष ने महाराष्ट्र और बिहार के चुनावों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन राज्यों में मुस्लिम मतदाताओं द्वारा ओवैसी की पार्टी को समर्थन मिला है, जिससे यह संकेत मिलता है कि देश में मुस्लिम राजनीति अपने अंतिम दौर में प्रवेश कर रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे किसी जाति विशेष की नहीं, बल्कि समूचे हिंदू समाज की बात करते हैं। “मैं ब्राह्मण या ठाकुर की नहीं, हिंदू की बात करता हूं,” कहते हुए उन्होंने सामाजिक एकता पर जोर दिया।

प्रवीण भाई तोगड़िया ने बताया कि देशभर में अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद द्वारा मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा पाठ अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत लोग सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों पर सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे हैं। युवाओं को विशेष रूप से इस अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि उनमें धर्म, संस्कार और राष्ट्र काशी में प्रवीण तोगड़िया का संदेश: एकता और चेतना पर जोरभाव का संचार हो सके।

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पास स्थित देव दर्शन गेस्ट हाउस में कार्यकर्ताओं के साथ संवाद और सम्मेलन भी किया। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं में जोश भरा और संगठन की भावी रणनीतियों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को जागरूक, संगठित और सक्रिय बनाना ही परिषद का मुख्य उद्देश्य है।

काशी प्रवास के दौरान प्रवीण भाई तोगड़िया के बयानों और कार्यक्रमों से यह स्पष्ट संकेत मिला कि अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद आने वाले समय में सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर और अधिक सक्रिय भूमिका निभाने जा रही है। काशी की धरती से दिया गया उनका संदेश न केवल कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने वाला रहा, बल्कि हिंदू समाज की एकता और चेतना को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।