प्रयागराज में बुधवार दोपहर 21 जनवरी 2026 को उस समय अफरातफरी मच गई जब सेना का एक ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट शहर के बीचों बीच केपी कॉलेज के पीछे स्थित एक तालाब में गिर गया। यह हादसा माघ मेला 2026 के मुख्य क्षेत्र से करीब चार किलोमीटर दूर हुआ जहां उस समय लाखों श्रद्धालु संगम क्षेत्र में स्नान कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विमान हवा में उड़ते समय अचानक डगमगाने लगा और तेज आवाज के साथ सीधे तालाब में जा गिरा। हादसे से पहले विमान से तीन लोग पैराशूट के सहारे कूद गए जिससे उनकी जान बच गई लेकिन वे तालाब के दलदली हिस्से में फंस गए।
स्थानीय लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत तालाब में उतरकर रस्सियों और हाथों की मदद से तीनों को बाहर निकाला। प्रत्यक्षदर्शी मोहम्मद शाबिर के अनुसार पास के स्कूल में बच्चे प्रैक्टिकल परीक्षा दे रहे थे तभी आसमान में तेज लाल रंग का सिग्नल दिखाई दिया और रॉकेट जैसी तेज आवाज सुनाई दी। कुछ ही पलों बाद तीन पैराशूट खुलते नजर आए और विमान तालाब में गिर गया जहां चारों ओर जलकुंभी और दलदल फैला हुआ है। एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी पदम सिंह ने बताया कि तीनों लोग वर्दी में थे जिससे उनके सैन्य ट्रेनी पायलट या क्रू सदस्य होने की पुष्टि होती है।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस फायर ब्रिगेड और सेना की रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंच गईं। सेना का हेलिकॉप्टर भी काफी देर तक इलाके के ऊपर मंडराता रहा लेकिन तालाब में दलदल और घनी जलकुंभी के कारण एयरक्राफ्ट तक पहुंचना बेहद कठिन रहा। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी राहत और बचाव कार्य में जुटी रहीं। अभी तक विमान से किसी अन्य व्यक्ति या शव के बाहर निकाले जाने की पुष्टि नहीं हुई है और यह जांच का विषय बना हुआ है कि विमान में कुल कितने लोग सवार थे।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह ट्रेनिंग उड़ान थी और हादसे का कारण तकनीकी खराबी या पायलट एरर माना जा रहा है। शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्र में यह दुर्घटना हुई जहां तालाब से सटी रिहायशी कॉलोनियां और स्कूल मौजूद हैं। यदि विमान किसी इमारत या स्कूल पर गिरता तो बड़ा जानमाल का नुकसान हो सकता था। माघ मेले के चलते पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है और इस हादसे ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। सेना और पुलिस संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रही हैं और पूरे इलाके को सील कर दिया गया है।
