प्रयागराज कोल्ड स्टोरेज हादसा, पूर्व विधायक अंसार अहमद गिरफ्तार, लापरवाही की कई परतें उजागर
प्रयागराज, 24 मार्च 2026। फाफामऊ इलाके में हुए भीषण कोल्ड स्टोरेज हादसे के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए पूर्व विधायक अंसार अहमद उर्फ पहलवान को उनके बेटे और अन्य करीबी के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस दर्दनाक घटना में चार मजदूरों की मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।
अचानक ढही इमारत, मलबे में दबे मजदूर
यह घटना सोमवार दोपहर की है, जब मलाक हरहर क्षेत्र स्थित एक पुराने कोल्ड स्टोरेज का हिस्सा अचानक गिर पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उस समय अंदर काम कर रहे मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और कई लोग मलबे में दब गए। हादसे के तुरंत बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया, जिसमें एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें कई घंटों तक जुटी रहीं। काफी मशक्कत के बाद मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया।
जांच में सामने आई जर्जर हालत और तकनीकी खामियां
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि संबंधित कोल्ड स्टोरेज काफी पुराना और जर्जर स्थिति में था। अधिकारियों के अनुसार, अमोनिया गैस से जुड़े सिस्टम में खराबी या रिसाव की आशंका जताई जा रही है, जिसके चलते पूरी संरचना कमजोर हो गई और यह हादसा हुआ। इसके अलावा यह भी संकेत मिले हैं कि लंबे समय से मरम्मत कार्य नहीं किया गया था, जिससे जोखिम लगातार बढ़ता गया।
पूर्व विधायक समेत कई आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पूर्व विधायक अंसार अहमद, उनके बेटे मंजूर इलाही और भतीजे सहित कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मंगलवार को संयुक्त पुलिस टीम ने इन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस ने मौके से संबंधित दस्तावेज और कुछ वाहन भी कब्जे में लिए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप
प्रशासनिक जांच में यह भी सामने आया है कि कोल्ड स्टोरेज में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। आरोप है कि अधिक लाभ कमाने के उद्देश्य से तय क्षमता से अधिक लोड रखा गया, जिससे संरचना पर दबाव बढ़ गया। नियमित निरीक्षण और रखरखाव की कमी ने इस हादसे की आशंका को और गंभीर बना दिया। अधिकारियों का मानना है कि यदि समय रहते आवश्यक मरम्मत और सुरक्षा उपाय किए गए होते, तो इस घटना को टाला जा सकता था।
राजनीतिक पृष्ठभूमि भी चर्चा में
अंसार अहमद का राजनीतिक जीवन भी इस घटना के बाद चर्चा में आ गया है। वे समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे हैं और वर्ष 2012 में विधायक चुने गए थे। इसके साथ ही उन्होंने राज्य सरकार में मंत्री पद भी संभाला था। क्षेत्रीय राजनीति में कभी प्रभाव रखने वाले नेता की गिरफ्तारी ने उनके समर्थकों को झटका दिया है और मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में भी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने जताया दुख, जांच के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही घटना की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है, जो हादसे के कारणों और जिम्मेदारियों की विस्तृत जांच करेगी।
जांच जारी, अन्य आरोपियों की तलाश
फिलहाल पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। प्रशासन ने संकेत दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस हादसे ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि नियमों की अनदेखी और सुरक्षा से समझौता किस तरह जानलेवा साबित हो सकता है।
प्रयागराज कोल्ड स्टोरेज हादसा न केवल एक दुखद घटना है, बल्कि यह औद्योगिक सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक निगरानी पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। आने वाले समय में इस जांच के निष्कर्ष यह तय करेंगे कि जिम्मेदारों पर किस प्रकार की कार्रवाई होती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
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