राघव चड्ढा का पलटवार: ‘स्क्रिप्टेड कैम्पेन’ के आरोपों को बताया झूठ, बोले– समय आने पर दूंगा हर जवाब
आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी के भीतर उठे विवाद और नेताओं द्वारा लगाए गए आरोपों पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए तीखा जवाब दिया है। उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा कि उनके खिलाफ शुक्रवार से एक ‘स्क्रिप्टेड कैम्पेन’ चलाया जा रहा है और बार-बार झूठ दोहराकर उसे सच बनाने की कोशिश की जा रही है।
‘झूठ को सच बनाने की कोशिश’, इसलिए दिया जवाब
राघव चड्ढा ने अपने बयान में कहा कि शुरुआत में उन्होंने आरोपों पर प्रतिक्रिया न देने का फैसला किया था, लेकिन जब एक ही तरह के आरोप बार-बार दोहराए जाने लगे तो उन्हें जवाब देना जरूरी लगा। उन्होंने कहा कि यह संयोग नहीं है कि पार्टी के कई नेता एक जैसे आरोप लगाकर उन्हें घेरने की कोशिश कर रहे हैं।
तीन बड़े आरोपों को बताया ‘सफेद झूठ’
अपने वीडियो में चड्ढा ने एक-एक आरोप का जवाब देते हुए कहा कि उन पर लगाए गए तीनों प्रमुख आरोप पूरी तरह झूठे हैं।
पहले आरोप के अनुसार कहा गया कि विपक्ष के वॉकआउट के दौरान वह साथ नहीं देते। इस पर उन्होंने कहा कि संसद में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज देखे जा सकते हैं, जो सच्चाई खुद बयां करेंगे।
दूसरे आरोप में कहा गया कि उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए। इस पर उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने के लिए पार्टी की ओर से कोई औपचारिक या अनौपचारिक अनुरोध ही नहीं किया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के कई अन्य नेताओं ने भी इस पर हस्ताक्षर नहीं किए थे।
तीसरे आरोप में उन्हें ‘डर गया नेता’ बताते हुए बेकार मुद्दे उठाने का आरोप लगाया गया। इस पर चड्ढा ने कहा कि वह संसद में शोर मचाने के लिए नहीं, बल्कि जनता के मुद्दे उठाने के लिए हैं। उन्होंने बेरोजगारी, महंगाई और आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को उठाने की बात कही।
‘घायल हूं इसलिए घातक हूं’ बयान से बढ़ी सियासी हलचल
अपने वीडियो के अंत में राघव चड्ढा ने कहा, “समय आने पर हर आरोप का जवाब दिया जाएगा। घायल हूं इसलिए घातक हूं।” उनके इस बयान को राजनीतिक हलकों में एक बड़े संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में पार्टी के भीतर और बयानबाजी तेज हो सकती है।
आप नेताओं ने साधा था निशाना
दरअसल, आम आदमी पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने हाल ही में राघव चड्ढा पर सवाल उठाए थे। राज्यसभा सांसद संजय सिंह, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज और पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी मार्लेना ने सार्वजनिक तौर पर उनके रुख पर सवाल खड़े किए थे।
पार्टी के मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने भी उनकी निष्ठा पर सवाल उठाते हुए उन्हें भाजपा के प्रति नरम रुख अपनाने वाला बताया था। साथ ही यह भी कहा गया कि उन्हें राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटाए जाने के पीछे यही कारण रहा।
राजनीतिक संकेत और आगे की रणनीति पर नजर
राघव चड्ढा के इस जवाब के बाद पार्टी के अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। हालांकि उन्होंने अभी विस्तार से सभी आरोपों पर जवाब देने की बात भविष्य के लिए छोड़ी है, लेकिन उनके बयान से साफ है कि आने वाले समय में यह विवाद और गहराने की संभावना है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला केवल व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे पार्टी के भीतर रणनीतिक मतभेद भी हो सकते हैं, जिनका असर आगामी राजनीतिक घटनाक्रम पर पड़ सकता है।
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