भूमि विवाद में खूनी झड़प, लाठी-डंडे और चाकू चले, 11 लोग घायल
राघोपुर थाना क्षेत्र के मोहनपुर गांव में शुक्रवार शाम जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों ओर से लाठी-डंडे, ईंट-पत्थर, चाकू और तलवार चलने लगे। इस मारपीट में कुल 11 लोग घायल हो गए, जिनमें से कई को गंभीर चोटें आई हैं।
पीएचसी में भर्ती, चार की हालत गंभीर
घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से सभी घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राघोपुर फतेहपुर में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद चार घायलों की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें एनएमसीएच रेफर कर दिया।
मोबाइल में कैद हुई घटना
मारपीट के दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। यह वीडियो अब इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
दोनों पक्षों के लोग घायल
घटना में एक पक्ष के सुनील राय, अनिल राय और जज राय को सिर में चाकू लगने से गंभीर चोट आई है। वहीं दूसरे पक्ष के विश्वकर्मा कुमार, सिपाही राय, सुदामा कुमार, अजीत राय, राम कुमार और देव कुमार के घायल होने की जानकारी मिली है।
आलू खोदने को लेकर बढ़ा विवाद
मिली जानकारी के अनुसार मोहनपुर निवासी सिपाही राय और कपिल राय के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। शुक्रवार को सुनील राय के घर की महिलाएं संबंधित खेत में आलू खोद रही थीं। इसी बात को लेकर शाम के समय दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए।
सुनील राय का आरोप है कि जब उनकी घर की महिलाएं खेत में काम कर रही थीं, तभी सिपाही राय, विश्वकर्मा कुमार, राम कुमार और देव कुमार वहां पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर चाकू से हमला कर दिया गया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई।
वहीं दूसरे पक्ष के सुदामा कुमार का कहना है कि पहले से योजना बनाकर करीब 20 लोग लाठी और तलवार लेकर आए और अचानक हमला कर दिया, जिसमें उनके पक्ष के लोग घायल हो गए।
पुलिस कर रही जांच
राघोपुर थानाध्यक्ष पंकज कुमार ने बताया कि भूमि विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई है। दोनों पक्षों की ओर से आवेदन प्राप्त हुआ है। मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। पुलिस स्थिति पर नजर रखे हुए है ताकि दोबारा कोई अप्रिय घटना न हो।
