वाराणसी: सड़क पर ‘साइड’ देने की छोटी सी बात पर तनी राइफल, पूर्व फौजी की फायरिंग से थर्राया रामनगर का भीटी गांव

By
Chief Editor
मैं मृदुल कुमार तिवारी (आकाश), एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हूं, जो वर्तमान में 'न्यूज़ रिपोर्ट' के मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हूं। पत्रकारिता के...
3 Min Read
भीटी गांव में सड़क विवाद के बाद मौके पर पहुंची पुलिस टीम जांच करती हुई

वाराणसी: सड़क पर ‘साइड’ देने की छोटी सी बात पर तनी राइफल, पूर्व फौजी की फायरिंग से थर्राया रामनगर का भीटी गांव वाराणसी। जिले के रामनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत भीटी गांव में एक मामूली सड़क विवाद ने उस वक्त हिंसक रूप ले लिया, जब एक पूर्व फौजी ने आवेश में आकर अपनी लाइसेंसी राइफल से फायरिंग कर दी। गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा इलाका सहम गया और आसपास के लोगों में भगदड़ मच गई। हालांकि, घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने तत्परता दिखाई और मौके पर पहुंचकर न केवल स्थिति को नियंत्रित किया, बल्कि आरोपी पक्ष की राइफल जब्त करते हुए दोनों पक्षों के कुल छह लोगों को हिरासत में ले लिया है। घटनाक्रम के मुताबिक, विवाद की शुरुआत एक बेहद आम बात से हुई। हमीदपुर गांव के रहने वाले कमलेश यादव और आकाश यादव अपनी स्कूटी से, जबकि रंजीत यादव बाइक पर सवार होकर हाईवे की तरफ जा रहे थे।

इसी दौरान बंजारी माई मंदिर के पास स्थित एक संकरे रास्ते पर उनका सामना अभिनव विहार कॉलोनी के निवासी और सेना से सेवानिवृत्त विमलेश सिंह से हो गया। रास्ता संकरा होने के कारण दोनों वाहनों का एक साथ निकलना मुश्किल था। इसी बात को लेकर कि “गाड़ी पीछे कौन लेगा”, दोनों पक्षों के बीच पहले तीखी नोकझोंक शुरू हुई, जो देखते ही देखते गाली-गलौज और हाथापाई की नौबत तक पहुंच गई। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, बहस इतनी बढ़ गई कि पूर्व फौजी विमलेश सिंह अपना आपा खो बैठे। आरोप है कि आवेश में आकर उन्होंने अपनी लाइसेंसी राइफल निकाल ली और दहशत फैलाने के उद्देश्य से हवाई फायरिंग कर दी। गोली चलने की आवाज सुनते ही भीटी गांव और आसपास के क्षेत्र में सनसनी फैल गई। गनीमत रही कि गोली किसी को लगी नहीं, लेकिन इस हरकत ने कानून व्यवस्था को खुली चुनौती दे दी।

सूचना मिलते ही रामनगर थाने की पुलिस टीम बिना वक्त गंवाए घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके से एक खोखा बरामद किया है, जो फायरिंग की पुष्टि करता है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त लाइसेंसी राइफल को अपने कब्जे में ले लिया है। मौके पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने दोनों गुटों के छह लोगों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। फिलहाल, दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला ‘रोड रेज’ और वर्चस्व दिखाने की कोशिश का है। जांच जारी है और तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सड़क पर जरा से धैर्य की कमी किस तरह बड़े अपराध का कारण बन सकती है।

मैं मृदुल कुमार तिवारी (आकाश), एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हूं, जो वर्तमान में 'न्यूज़ रिपोर्ट' के मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हूं। पत्रकारिता के क्षेत्र में मेरी यात्रा पिछले 12 वर्षों से जारी है, जहां मैंने सच्चाई, पारदर्शिता और निष्पक्षता को अपनी पत्रकारिता का मूल आधार बनाया है। मेरे कार्य की विशेषता केवल समाचारों की रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि समसामयिक घटनाओं का गहन विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों की संवेदनशील प्रस्तुति भी उसमें शामिल है। मैंने हमेशा तथ्यों की गहराई में जाकर, बिना किसी पूर्वाग्रह के समाचारों को प्रस्तुत करने का प्रयास किया है, जिससे पाठकों को न केवल जानकारी मिले, बल्कि वे जागरूकता और जिम्मेदारी की ओर प्रेरित भी हों। न्यूज़ रिपोर्ट के संपादकीय नेतृत्व में, मेरा निरंतर प्रयास रहा है कि पत्रकारिता के उच्चतम नैतिक मानकों को स्थापित किया जाए। मेरी पूरी टीम के साथ मिलकर हम यह सुनिश्चित करते हैं कि 'न्यूज़ रिपोर्ट' सिर्फ एक न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार सामाजिक आवाज़ बनकर उभरे।