रामनगर में हाथी धनराज ने तोड़ी जंजीरें और पंपासर पोखरे में उतरा
वाराणसी। रामनगर की ऐतिहासिक रामलीला से जुड़ा हाथी धनराज सोमवार को अचानक बिदक गया। बताया जा रहा है कि सुबह नाश्ता मिलने में देरी होने के बाद हाथी ने अपनी जंजीरें तोड़ दीं और पास स्थित पंपासर पोखरे की ओर चला गया। हाथी के पोखरे में पहुंचने के दौरान वहां स्नान कर रहे श्रद्धालुओं और अन्य लोगों में अफरा तफरी मच गई। लोग पानी से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। इसके बाद हाथी काफी देर तक पोखरे में ही रहा। महावतों की करीब साढ़े चार घंटे की मशक्कत के बाद हाथी को पानी से बाहर निकाला जा सका। घटना के बाद रामलीला परिसर और आसपास के क्षेत्र में लोगों के बीच इस घटना की चर्चा होती रही।
जंजीरें तोड़कर पंपासर पोखरे में पहुंचा हाथी
प्राप्त जानकारी के अनुसार आजमगढ़ के जीयनपुर से रामनगर पहुंचे चार हाथियों में धनराज भी शामिल है। सोमवार सुबह नाश्ता मिलने में देरी के बाद धनराज ने अपनी जंजीरें तोड़ दीं और पास स्थित पंपासर पोखरे की ओर चला गया। हाथी के अचानक पोखरे की तरफ पहुंचने से वहां मौजूद लोगों में हलचल मच गई। पोखरे में स्नान कर रहे श्रद्धालु और अन्य लोग पानी से बाहर निकलने लगे। हाथी के पानी में उतरने के बाद वहां लोगों की भीड़ जुट गई।
पोखरे में कई घंटे तक रहा हाथी
बताया जा रहा है कि धनराज सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे से शाम चार बजे तक पोखरे में रहा। इस दौरान महावतों ने उसे बाहर निकालने का प्रयास किया। हाथी को बाहर लाने के लिए हरी डालियां, गन्ने और खाने की अन्य चीजें दी गईं। महावत लगातार उसे मनाने और शांत करने की कोशिश करते रहे। करीब साढ़े चार घंटे की मशक्कत के बाद हाथी पानी से बाहर निकला। इसके बाद उसे भोजन कराया गया और महावतों ने उसे सहलाकर शांत किया।
काशी राजपरिवार की परंपरा से जुड़ा है धनराज
धनराज को काशी राजपरिवार की परंपरा से जुड़ा हाथी बताया जाता है। जानकारी के अनुसार पिछले छह वर्षों से काशी नरेश अनंत नारायण सिंह इसी हाथी की पीठ पर सवार होकर रामनगर की रामलीला का अवलोकन करते आ रहे हैं। ऐसे में हाथी के अचानक बिदकने की घटना से रामलीला से जुड़े लोगों के बीच हलचल मच गई। हालांकि घटना के दौरान किसी के घायल होने या किसी अन्य नुकसान की आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
महावतों की मशक्कत के बाद सामान्य हुई स्थिति
हाथी के पोखरे से बाहर आने के बाद उसे भोजन कराया गया। इसके बाद महावत उसे वापस रामलीला स्थल की ओर ले गए। घटना के दौरान पोखरे के आसपास लोगों की भीड़ जुटी रही। हाथी के पानी से बाहर निकलने और वापस लौटने के बाद स्थिति सामान्य हुई। घटना को लेकर स्थानीय लोगों के बीच चर्चा बनी रही।
रामनगर की रामलीला से जुड़ा है ऐतिहासिक आयोजन
वाराणसी के रामनगर की रामलीला अपनी ऐतिहासिक परंपरा और विशिष्ट आयोजन शैली के लिए जानी जाती है। इस आयोजन में काशी राजपरिवार की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। हाथी धनराज इसी परंपरा से जुड़ा हुआ है। सोमवार को हुई घटना के बाद हाथी की सुरक्षा और उसके रखरखाव को लेकर भी चर्चा हो रही है। हालांकि घटना के कारणों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन या आयोजन समिति की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
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