वाराणसी: रामनगर क्षेत्र में कामकाजी महिलाओं और उच्च शिक्षा ग्रहण कर रही युवतियों के लिए सुरक्षित आवास की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल साकार होने जा रही है। महिला कल्याण विभाग की ओर से प्रस्तावित शक्ति सदन का उद्घाटन अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आठ मार्च को किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण नीति को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं और सभी आवश्यक औपचारिकताओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी पंकज कुमार मिश्रा ने बताया कि रामनगर में शक्ति सदन के लिए उपयुक्त स्थान का चयन कर लिया गया है। भवन को महिलाओं की जरूरतों और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है। उद्घाटन के बाद यहां स्टॉफ की तैनाती की जाएगी, जिसमें महिला वार्डन, सुरक्षा कर्मी और अन्य आवश्यक कर्मचारी शामिल होंगे। शक्ति सदन में लगभग पचास महिलाओं और युवतियों के रहने की व्यवस्था होगी, जिससे उन्हें शहर में पढ़ाई या नौकरी के दौरान सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिल सके।
शक्ति सदन का उद्देश्य केवल एक आवासीय सुविधा उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाना भी है। यहां रहने वाली महिलाओं को सुरक्षित कमरे, स्वच्छता की बेहतर व्यवस्था, शुद्ध पेयजल, शौचालय, रसोईघर और अन्य बुनियादी सुविधाएं दी जाएंगी। इसके साथ ही काउंसलिंग, कौशल प्रशिक्षण, व्यक्तित्व विकास और मनोरंजन से जुड़ी गतिविधियों की भी व्यवस्था की जाएगी, ताकि महिलाएं मानसिक और सामाजिक रूप से मजबूत बन सकें।
महिलाओं की सुरक्षा को देखते हुए शक्ति सदन में विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और चौबीस घंटे निगरानी की व्यवस्था रहेगी। प्रवेश और निकास बिंदुओं पर सख्त नियंत्रण होगा और प्रशिक्षित सुरक्षा स्टाफ हर समय तैनात रहेगा। प्रशासन का मानना है कि इस तरह की व्यवस्था से महिलाओं को भयमुक्त माहौल मिलेगा और वे अपने लक्ष्य पर पूरी एकाग्रता के साथ काम कर सकेंगी।
जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि शक्ति सदन में प्रवेश के लिए कुल ग्यारह पात्रता शर्तें निर्धारित की गई हैं। पात्र महिलाओं का चयन पूरी पारदर्शिता के साथ नियमों के अनुसार किया जाएगा। यहां रहने वाली महिलाओं को आवश्यकता के अनुसार विभिन्न सरकारी योजनाओं से भी जोड़ा जाएगा, जिससे उन्हें आर्थिक सहायता और रोजगार के अवसर मिल सकें। महिला दिवस पर आठ मार्च को होने वाला यह उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है और काशी की बेटियों के लिए सुरक्षा और सम्मान का एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है।
