वाराणसी: रामनगर में ट्रॉली चालक संघ ने देशभक्ति और संविधान की शपथ के साथ मनाया 77वां गणतंत्र दिवस

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माँ मनसा देवी मंदिर के पास ध्वजारोहण के बाद जुलूस और संविधान की सामूहिक शपथ।

वाराणसी: रामनगर/आज जब पूरा देश आजादी के अमृत काल से गुजरते हुए विकसित भारत के संकल्प की ओर कदम बढ़ा रहा है, वाराणसी के रामनगर क्षेत्र में एक अनूठी और प्रेरणादायक तस्वीर देखने को मिली। यहाँ के ट्रॉली चालक संघ ने 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर न केवल तिरंगा फहराया, बल्कि राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी और संवैधानिक मूल्यों के प्रति अटूट निष्ठा का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किया। माँ मनसा देवी मंदिर के समीप आयोजित इस भव्य समारोह में श्रम और राष्ट्रभक्ति का जो संगम दिखा, उसने यह सिद्ध कर दिया कि गणतंत्र की असली शक्ति देश के उन कर्मयोगियों में निहित है जो अपनी मेहनत से समाज की धुरी को गतिमान रखते हैं।

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ संघ के संरक्षक अजय प्रताप सिंह द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुआ। जैसे ही तिरंगा आसमान की ऊंचाइयों को छूने लगा, पूरा परिसर “जन-गण-मन” के गौरवशाली गान से गुंजायमान हो उठा। इस दौरान उपस्थित हर व्यक्ति की आंखों में राष्ट्रप्रेम की चमक और चेहरे पर स्वाभिमान का भाव स्पष्ट झलक रहा था। ध्वजारोहण के पश्चात मिष्ठान वितरण कर आपसी भाईचारे का संदेश दिया गया। इसके बाद संघ के सदस्यों ने एक अनुशासित जुलूस निकाला, जो देशभक्ति के नारों और “भारत माता की जय” के उद्घोष के साथ शास्त्री जी की प्रतिमा तक पहुँचा। वहाँ माल्यार्पण कर सभी ने देश की एकता, अखंडता और संविधान की रक्षा की सामूहिक शपथ ली।

समारोह को संबोधित करते हुए संरक्षक अजय प्रताप सिंह ने देश के संवैधानिक विकास पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज जब हम अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहे हैं, तो हमें यह याद रखना चाहिए कि यह सफर कितना चुनौतीपूर्ण और गौरवमयी रहा है। 26 जनवरी 1950 को जब हमारा संविधान लागू हुआ, तब से लेकर आज तक भारत ने कृषि, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में वैश्विक कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उन्होंने विशेष रूप से श्रमिक वर्ग के योगदान की सराहना करते हुए कहा, कि “गणतंत्र दिवस केवल एक सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि यह हमें संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों और कर्तव्यों का बोध कराने वाला दिन है। ट्रॉली चालक और श्रमिक वर्ग देश की अर्थव्यवस्था की वह रीढ़ हैं, जिनके बिना विकास की कल्पना अधूरी है। ईमानदारी और परिश्रम ही सच्ची देशभक्ति है।”

इस उत्सव में समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता ने इसे और भी प्रभावी बना दिया। इस अवसर पर भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष अजय प्रताप सिंह, नंद लाल चौहान, सुनील श्रीवास्तव, भूपेंद्र साहू, ललित सिंह, पवन सिंह, विनोद गुप्ता, गणेश चौधरी, और सुरेंद्रनाथ श्रीवास्तव सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। साथ ही बबलू साहनी, जितेंद्र सेठ, जुगनू भारती, पंकज बारी, मुन्ना, दीपक श्रीवास्तव, हरिकेश सिंह, ऋतुराज सिंह, मंजय पाल और गणेश कुमार जैसे संघ के सक्रिय सदस्यों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

पूरा आयोजन इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। देशभक्ति के गीतों और “वन्दे मातरम्” की गूँज के बीच, रामनगर के इस छोटे से कोने से उठी एकता की आवाज ने यह स्पष्ट कर दिया कि जब तक देश का आम नागरिक अपने संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूक है, तब तक भारत की प्रगति को कोई रोक नहीं सकता। यह आयोजन केवल एक रस्म नहीं, बल्कि एक विकसित और सशक्त भारत के निर्माण की दिशा में लिया गया एक सामूहिक संकल्प बनकर उभरा।