वाराणसी: रामनगर में कांग्रेस-जनों ने किया ध्वजारोहण और शहीदों को नमन

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रामनगर के खादी आश्रम परिसर में 77वें गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान के दौरान उपस्थित लोग।

वाराणसी (रामनगर): देश की संप्रभुता और संविधान के गौरव का प्रतीक गणतंत्र दिवस का 77वां पर्व वाराणसी के ऐतिहासिक रामनगर क्षेत्र में असीम उत्साह और राष्ट्रप्रेम की भावना के साथ मनाया गया। सोमवार को किला मार्ग स्थित सब्जी मंडी के खादी आश्रम परिसर में आयोजित मुख्य समारोह में देशभक्ति का एक अलग ही ज्वार देखने को मिला, जहाँ स्थानीय नागरिकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूरे जोश-खरोश के साथ तिरंगे को सलामी दी। इस गरिमामय आयोजन का नेतृत्व नगर कांग्रेस कमेटी रामनगर के पूर्व अध्यक्ष व पूर्व सभासद लक्ष्मेश्वर नाथ शर्मा, रामनगर की पूर्व लोकप्रिय पालिकाध्यक्ष श्रीमती रेखा शर्मा और जिला कांग्रेस कमेटी (अल्पसंख्यक विभाग) के जिलाध्यक्ष डॉ. मुनीर नज़्म सिद्दिकी ने संयुक्त रूप से किया। ध्वजारोहण के साथ ही सामूहिक राष्ट्रगान के स्वरों से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा, जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति के भीतर राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को और गहरा कर दिया।

ध्वजारोहण की औपचारिकता के बाद कार्यक्रम का स्वरूप पूरी तरह से भावनात्मक और प्रेरणादायक हो गया, जब उपस्थित जनसमूह ने आजादी के महानायकों को याद करते हुए गगनभेदी नारे लगाए। “राष्ट्रपिता महात्मा गांधी अमर रहें”, “पंडित जवाहरलाल नेहरू अमर रहें”, “लौह पुरुष सरदार पटेल अमर रहें” और “शहीद-ए-आज़म भगत सिंह व चंद्रशेखर आज़ाद अमर रहें” के उद्घोषों ने फिजा में नई ऊर्जा भर दी। रामनगर की माटी के लाल और देश के दूसरे प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री जी के प्रति विशेष सम्मान प्रकट करते हुए कांग्रेस-जनों ने न केवल उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया, बल्कि एक जुलूस की शक्ल में उनके पैतृक आवास पहुंचकर श्रद्धासुमन भी अर्पित किए। शास्त्री जी के सादगीपूर्ण जीवन और ‘जय जवान, जय किसान’ के उनके नारे को याद करते हुए वक्ताओं ने कहा कि उनका बलिदान हिंदुस्तान हमेशा याद रखेगा।

समारोह में सामाजिक सौहार्द और देश की गंगा-जमुनी तहजीब की भी एक खूबसूरत झलक देखने को मिली। महात्मा गांधी के प्रिय भजन “रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीताराम, ईश्वर अल्लाह तेरो नाम, सबको सन्मति दे भगवान” का सामूहिक गायन कर सभी ने सर्वधर्म समभाव का संदेश दिया। इस दौरान वक्ताओं ने संविधान की रक्षा, लोकतंत्र की मजबूती और देश की अखंडता को बनाए रखने का संकल्प दोहराया। उनका कहना था कि आज के दौर में गणतंत्र दिवस मनाने की सार्थकता तभी है जब हम संविधान में निहित मूल्यों को अपने आचरण में उतारें और देश में भाईचारे की डोर को कमजोर न होने दें।

इस ऐतिहासिक अवसर पर रामनगर के कई गणमान्य नागरिक और वरिष्ठ कांग्रेस नेता उपस्थित रहे, जिन्होंने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। प्रमुख रूप से पूर्व नगर अध्यक्ष बृजेंद्र किशोर पाण्डेय, पूर्व नगर अध्यक्ष नूरूल शेख, नारायण दास मास्टर साहब, पूर्व सभासद लाल जी कन्नौजिया, रविकांत मिश्रा उर्फ बीनू सिंह, गोपाल साहू, पारसनाथ, लालचंद्र यादव, मोतीलाल, पप्पू खान, ओमप्रकाश यादव और अशोक यादव शामिल थे। इनके अलावा अल्पसंख्यक विभाग रामनगर के पूर्व अध्यक्ष रईस अहमद, कृष्ण मुरारी लाल, आकिल मिर्जा उर्फ लड्डू, रविशंकर चौबे और विष्णु गुप्ता सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक व कार्यकर्ता मौजूद रहे। यह आयोजन सिर्फ एक रस्म अदायगी नहीं, बल्कि भावी पीढ़ी को देशभक्ति के संस्कारों से जोड़ने वाला एक यादगार अध्याय साबित हुआ।