आईएएस रिंकू सिंह राही के इस्तीफे पर पिता की भावुक अपील, बोले- ईमानदारी का फल दे सरकार
उत्तर प्रदेश कैडर के 2022 बैच के आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही के इस्तीफे के बाद उनका परिवार चर्चा में आ गया है। उनके पिता सौदान सिंह राही ने राष्ट्रपति से मार्मिक अपील करते हुए कहा है कि उनके बेटे को उसकी ईमानदारी का उचित सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि रिंकू को उनकी ईमानदार कार्यशैली के कारण काम नहीं दिया जा रहा था।
ईमानदारी के कारण नहीं मिला काम: पिता
सौदान सिंह राही ने कहा कि उनके बेटे ने हमेशा ईमानदारी के रास्ते को चुना, लेकिन इसके बावजूद उसे जिम्मेदारियां नहीं दी गईं। उन्होंने कहा कि रिंकू में मेहनत और निष्ठा के साथ काम करने का जज्बा है और उन्हें अपने बेटे पर गर्व है। उनके अनुसार, रिंकू द्वारा लिया गया हर निर्णय देशहित में होता है।
सौ करोड़ के घोटाले का किया था खुलासा
पिता ने बताया कि वर्ष 2009 में समाज कल्याण अधिकारी के रूप में कार्य करते हुए रिंकू सिंह राही ने मुजफ्फरनगर में करीब 100 करोड़ रुपये के घोटाले का पर्दाफाश किया था। इस खुलासे के बाद उन पर जानलेवा हमला हुआ, जिसमें उन्हें गोली लगी और उनकी एक आंख की रोशनी चली गई।
इसके बावजूद रिंकू ने हिम्मत नहीं हारी और आगे चलकर संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास कर आईएएस अधिकारी बने।
संघर्ष भरा जीवन, फिर भी नहीं डिगी ईमानदारी
सौदान सिंह ने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उनके पास कोई बड़ी संपत्ति या बैंक बैलेंस नहीं है। उन्होंने कहा कि उनका घर और जीवन उनकी मेहनत का परिणाम है और ईमानदारी ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है।
उन्होंने भावुक होकर कहा कि यदि ईमानदार लोगों को प्रोत्साहन नहीं मिलेगा, तो भविष्य में कोई भी ईमानदारी का रास्ता नहीं अपनाएगा।
राष्ट्रपति से न्याय की अपील
रिंकू सिंह राही के पिता ने राष्ट्रपति और संबंधित संस्थाओं से अपील की है कि उनके बेटे के मामले में न्यायपूर्ण निर्णय लिया जाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार और लोक सेवा आयोग ईमानदारी का सम्मान करेंगे और सही फैसला करेंगे।
यह मामला एक बार फिर प्रशासनिक तंत्र में ईमानदारी और पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
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