रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग प्रकरण: एसटीएफ ने मुख्य शूटर समेत सात आरोपितों को दबोचा, अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा
लखनऊ, 16 फरवरी 2026: विशेष कार्यबल उत्तर प्रदेश को फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के मुंबई स्थित आवास पर की गई फायरिंग के मामले में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। एसटीएफ ने मुख्य शूटर सहित सात आरोपितों को हरियाणा, आगरा और नोएडा से गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई मुंबई पुलिस की अपराध शाखा जुहू के साथ संयुक्त अभियान के तहत की गई।
गौरतलब है कि 1 फरवरी 2026 की रात लगभग 12:45 बजे मुंबई के जुहू क्षेत्र स्थित शेट्टी टावर पर अंधाधुंध फायरिंग की गई थी। इस घटना से फिल्म उद्योग और स्थानीय क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना जुहू में मु0अ0सं0 19/2026 धारा 109 बीएनएस, 37(1), 37(2) महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम और शस्त्र अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया था।
एसटीएफ और मुंबई पुलिस का संयुक्त अभियान
जांच के दौरान तकनीकी सर्विलांस, मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण से आरोपितों की पहचान की गई। मुंबई पुलिस ने एसटीएफ उत्तर प्रदेश से सहयोग का अनुरोध किया। इसके बाद एसटीएफ फील्ड यूनिट आगरा को निर्देशित कर संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी गई।
सूचना संकलन के दौरान पता चला कि गिरोह के सदस्य झज्जर हरियाणा, आगरा और नोएडा में ठिकाना बदलते हुए छिपे हैं। 15 फरवरी 2026 की शाम लगभग 5:30 बजे संयुक्त टीम ने झज्जर जिले के माछरौली क्षेत्र से मुख्य शूटर दीपक समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार किया। अन्य आरोपितों को साहिबाबाद कमिश्नरेट गाजियाबाद और आगरा क्षेत्र से पकड़ा गया।
गिरफ्तार आरोपितों का विवरण
- दीपक पुत्र रमेश चंद्र, उम्र 24 वर्ष, निवासी ग्राम विजौली, थाना बाह, जिला आगरा
- सनी पुत्र राकेश कुमार, उम्र 23 वर्ष, निवासी ग्राम विजौली, थाना बाह, जिला आगरा
- सोनू पुत्र विनोद कुमार, उम्र 23 वर्ष, निवासी ग्राम विजौली, थाना बाह, जिला आगरा
- रितिक पुत्र विनोद कुमार, उम्र 22 वर्ष, निवासी ग्राम विजौली, थाना बाह, जिला आगरा
- विष्णु कुशवाहा पुत्र सूरज पाल कुशवाहा, उम्र 26 वर्ष, निवासी ग्राम विजौली, थाना बाह, जिला आगरा
- जतिन भारद्वाज पुत्र रत्नेश भारद्वाज, उम्र 24 वर्ष, हाल पता ग्राम सदरपुर, सेक्टर 45, गौतमबुद्धनगर
- विशाल पुत्र बालकराम, निवासी बसवारा, जिला इटावा
दहशत और रंगदारी के उद्देश्य से की गई फायरिंग
पूछताछ में आरोपितों ने स्वीकार किया कि रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग का उद्देश्य फिल्म उद्योग में दहशत फैलाना और रंगदारी के जरिए दबाव बनाना था। आरोपितों ने बताया कि उन्हें यह काम विष्णु कुशवाहा द्वारा सौंपा गया था, जिसके संपर्क राजस्थान के श्रीगंगानगर में सक्रिय गिरोह सदस्य गोलू पंडित से बताए गए हैं।
जांच में सामने आया कि आरोपित सोशल मीडिया पर अपराधियों के महिमामंडन से प्रभावित होकर अपना नाम अपराध जगत में स्थापित करना चाहते थे। इसी मंशा से उन्होंने घटना से पहले कई बार मुंबई जाकर रैकी की।
सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल का इस्तेमाल
घटना की रात गिरोह द्वारा उपलब्ध कराई गई सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल से अंधाधुंध फायरिंग की गई। आरोपितों ने बताया कि घटना के बाद वे अलग-अलग राज्यों में छिपते रहे और सोशल मीडिया तथा इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखते थे। पुलिस के अनुसार आरोपित लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे ताकि गिरफ्तारी से बच सकें।
अन्य सहयोगियों की भूमिका
पूछताछ में जतिन भारद्वाज और विशाल ने स्वीकार किया कि उन्हें घटना की पूर्व जानकारी थी। उन्होंने मुख्य शूटर और अन्य साथियों को ठिकाना बदलने, संसाधन उपलब्ध कराने और छिपने में सहयोग किया। फरारी के दौरान आरोपितों ने मोबाइल सिम बदलना, अस्थायी निवास लेना और नकली पहचान का उपयोग करना भी स्वीकार किया है।
आगे की कार्रवाई
एसटीएफ ने सभी गिरफ्तार आरोपितों को आगे की विधिक कार्रवाई के लिए मुंबई पुलिस को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस अब गिरोह के वित्तीय स्रोत, हथियारों की आपूर्ति और संभावित अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी है।
अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई अंतरराज्यीय समन्वय और तकनीकी विश्लेषण का परिणाम है। संगठित अपराध और रंगदारी के मामलों में कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फिल्म उद्योग या किसी भी व्यवसायी को भयभीत करने की कोशिशों को सख्ती से कुचला जाएगा और ऐसे मामलों में शामिल लोगों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
