सहारनपुर में एलकेजी की किताबें 8 हजार में बेचने का आरोप, स्कूल को डीआईओएस का नोटिस
सहारनपुर में निजी स्कूलों द्वारा महंगी किताबें बेचकर अभिभावकों के शोषण का मामला सामने आया है। एलकेजी कक्षा की किताबें 8,000 रुपये में खरीदने के लिए मजबूर किए जाने की शिकायत पर जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) ने श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल को नोटिस जारी किया है। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
तीन दिन में जवाब नहीं तो 5 लाख जुर्माना
डीआईओएस डॉ. अरविंद कुमार पाठक ने बताया कि स्कूल को तीन दिन के भीतर नोटिस का जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो स्कूल पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है और मान्यता निरस्त करने की भी कार्रवाई की जा सकती है।
अभिभावकों की शिकायत पर हुई कार्रवाई
कई अभिभावकों ने शिकायत की थी कि श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल द्वारा एलकेजी के बच्चों के लिए 8,000 रुपये की किताबें खरीदने का दबाव बनाया जा रहा है। साथ ही उन्हें एक विशेष दुकान से ही किताबें खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा था।
शिकायत में यह भी कहा गया कि स्कूल प्रबंधन निजी प्रकाशकों की किताबें ऊंचे दामों पर बेचकर अभिभावकों का आर्थिक शोषण कर रहा है।
कानून का उल्लंघन बताया
डीआईओएस ने स्पष्ट किया कि किसी भी छात्र को किसी विशेष दुकानदार या स्थान से किताबें खरीदने के लिए बाध्य करना उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम, 2018 का उल्लंघन है।
जिलाधिकारी ने भी जारी किए थे निर्देश
बीते 4 अप्रैल को जिलाधिकारी ने भी सभी विद्यालय संचालकों को निर्देश दिए थे कि वे छात्रों को किसी विशेष दुकान से किताबें खरीदने के लिए मजबूर न करें। साथ ही स्कूलों को कक्षावार पुस्तकों की सूची अपनी वेबसाइट पर अपलोड करने और ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म जैसे अमेजन और फ्लिपकार्ट के लिंक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे।
अन्य स्कूल भी जांच के दायरे में
डीआईओएस ने इससे पहले दिल्ली पब्लिक स्कूल और इनफेंट जीसस स्कूल को भी इसी तरह के आरोपों पर नोटिस जारी किया था। अभिभावकों ने आरोप लगाया था कि इन स्कूलों में भी बच्चों को एक ही दुकान से किताबें खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है।
शिक्षा विभाग सख्त, अभिभावकों को राहत की उम्मीद
शिक्षा विभाग की इस सख्ती से अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है। विभाग ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि स्कूलों द्वारा मनमानी और नियमों के उल्लंघन को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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