सुल्तानपुर में संजय सिंह का हमला: शंकराचार्य अपमान पर सरकार घिरी, मंदिर तोड़ने के मामले में कार्रवाई की मांग

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सुल्तानपुर में मीडिया से बातचीत करते आप सांसद संजय सिंह।

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद Sanjay Singh अपने गृह जनपद सुल्तानपुर पहुंचे जहां उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए प्रयागराज में शंकराचार्य के साथ हुई घटना सहित कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक सम्मान से जुड़ा गंभीर विषय बताया और केंद्र तथा राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला।

शंकराचार्य Avimukteshwaranand के कथित अपमान को लेकर संजय सिंह ने इसे हिटलरशाही का जीता जागता उदाहरण करार दिया। उन्होंने कहा कि Narendra Modi और Yogi Adityanath की डबल इंजन सरकार अब चरम पर पहुंच चुकी है। उनका आरोप था कि शंकराचार्य के शिष्यों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उन्हें चोटी पकड़कर घसीटा गया तथा पीटा गया जो अत्यंत निंदनीय है।

संजय सिंह ने कहा कि इतने बड़े धर्मगुरु बीते कई दिनों से धरने पर बैठे हैं लेकिन सत्ता में बैठे लोग न तो उनसे माफी मांगने को तैयार हैं और न ही अपनी गलती स्वीकार कर रहे हैं। उन्होंने इसे सत्ता के अहंकार की पराकाष्ठा बताया। सांसद ने सवाल उठाया कि जब प्रधानमंत्री सार्वजनिक रूप से शंकराचार्य के पैर छूते हैं तब उन्हें शंकराचार्य माना जाता है और जब महाकुंभ जैसे आयोजन में अन्य शंकराचार्यों के साथ उन्हें स्नान कराया जाता है तब भी उनकी मान्यता स्वीकार की जाती है।

उन्होंने कहा कि अब जब वही शंकराचार्य गौ हत्या के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं और महाकुंभ में भगदड़ के दौरान हुई मौतों पर सवाल कर रहे हैं तो उनसे यह पूछा जा रहा है कि वे शंकराचार्य हैं या नहीं। संजय सिंह ने बताया कि उनकी शंकराचार्य से फोन पर बातचीत हुई है और वे पूरी मजबूती से उनके साथ खड़े हैं।

मीडिया से बातचीत के दौरान संजय सिंह ने मंदिर तोड़े जाने से जुड़े एक एआई वीडियो के मामले पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने वही वीडियो साझा किया था जो स्थानीय लोगों द्वारा प्रसारित किया गया था। इस संदर्भ में उन्होंने भाजपा नेता Sumitra Mahajan और माता अहिल्याबाई होल्कर के परिजनों के बयानों का हवाला दिया जिनमें मंदिर तोड़े जाने की बात कही गई थी।

सांसद ने भाजपा मंत्री Ravindra Jaiswal के उस बयान का भी उल्लेख किया जिसमें कहा गया था कि ठेकेदार से गलती हो गई। संजय सिंह ने मांग की कि जिन लोगों ने मंदिर और माता अहिल्याबाई की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया है उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उन पर तो रोज प्राथमिकी दर्ज होती रहती हैं लेकिन असली कार्रवाई उन लोगों पर होनी चाहिए जिन्होंने पवित्र स्थल को तोड़ने का काम किया है।