सीतापुर में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत किसानों को आधुनिक ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई तकनीक अपनाने पर भारी अनुदान दिया जा रहा है। योजना का उद्देश्य कम लागत में गुणवत्तापूर्ण उत्पादन को बढ़ावा देना जल संरक्षण को मजबूत करना और किसानों की आय में सुधार लाना है। जिला उद्यान विभाग के अनुसार जिले को इस योजना के तहत कुल दो हजार बारह हेक्टेयर का लक्ष्य प्राप्त हुआ है जिसके लिए इच्छुक किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। लाभ का वितरण पहले आओ पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा।
जिला उद्यान अधिकारी राजश्री ने बताया कि योजना के अंतर्गत फौव्वारा और टपक सिंचाई पद्धति को अपनाने वाले किसानों को अनुदान की सुविधा दी जा रही है। इस तकनीक से गन्ना गेहूं सरसों जैसी कृषि फसलों के साथ साथ सब्जी आलू मटर और आम जैसी औद्यानिक फसलों में बेहतर और रोगमुक्त उत्पादन संभव होगा। ड्रिप और स्प्रिंकलर प्रणाली से सिंचाई की लागत घटेगी खरपतवार पर नियंत्रण होगा और पानी के साथ उर्वरक देकर पौधों को पोषक तत्व उपलब्ध कराना आसान हो जाएगा।
योजना के तहत पोर्टेबल स्प्रिंकलर ड्रिप सिस्टम मिनी स्प्रिंकलर और रेनगन जैसे आधुनिक सिंचाई उपकरणों की स्थापना पर अनुदान दिया जाएगा। इन प्रणालियों के उपयोग से भू गर्भ जल की उल्लेखनीय बचत होगी और सीमित जल संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग संभव हो सकेगा। विभाग के अनुसार लघु और सीमांत किसानों को ड्रिप और स्प्रिंकलर प्रणाली पर नब्बे प्रतिशत तक जबकि सामान्य किसानों को अस्सी प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है।
यह योजना Pradhan Mantri Krishi Sinchai Yojana के तहत संचालित की जा रही है। किसान योजना का लाभ लेने के लिए www.upmip.in
वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। शासन द्वारा स्वीकृत संस्थाओं के माध्यम से किसानों के खेतों में सिंचाई प्रणाली स्थापित कराई जाएगी। लाभार्थियों को निर्धारित कृषक अंश की राशि का भुगतान करना होगा।
उद्यान विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे समय रहते आवेदन कर इस योजना का लाभ उठाएं। अधिक जानकारी के लिए किसान जिला उद्यान कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। विभाग का कहना है कि यह योजना जल संरक्षण के साथ साथ टिकाऊ खेती और किसानों की आर्थिक मजबूती की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
