14 वर्षों से फरार 50 हजार का इनामी बदमाश अमित एसटीएफ के द्वारा गिरफ्तार

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Dilip Kumar
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गाजियाबाद में एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार 50 हजार का इनामी बदमाश अमित

14 वर्षों से फरार 50 हजार का इनामी बदमाश अमित उर्फ अंकित उर्फ राजू उर्फ राहुल एसटीएफ के हत्थे चढ़ा

स्पेशल टास्क फोर्स, उत्तर प्रदेश, लखनऊ द्वारा जारी प्रेस नोट संख्या 35 दिनांक 12 फरवरी 2026 के अनुसार पश्चिम बंगाल, दिल्ली, मुंबई और उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों में डकैती और चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाला तथा जनपद गाजियाबाद के थाना कविनगर में पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या 1630/12 धारा 380/411 भादवि में पिछले 14 वर्षों से फरार चल रहा 50,000 रुपये का इनामी अभियुक्त अमित उर्फ अंकित उर्फ राजू उर्फ राहुल को गिरफ्तार कर लिया गया है।

गिरफ्तार अभियुक्त का विवरण

अमित उर्फ अंकित उर्फ राजू उर्फ राहुल पुत्र दुलीचंद, निवासी फुरौना थाना फुरौना जनपद मधुबनी बिहार।

गिरफ्तारी का स्थान व समय

दिनांक 12.02.2026 को समय लगभग 16:30 बजे, थाना कविनगर क्षेत्र, जनपद गाजियाबाद से अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तारी की कार्रवाई

एसटीएफ को फरार और इनामी अपराधियों के सक्रिय होने की सूचनाएं लगातार प्राप्त हो रही थीं। इसी क्रम में एसटीएफ की विभिन्न इकाइयों को खुफिया जानकारी संकलित करने और कार्रवाई हेतु निर्देशित किया गया था। अपर पुलिस अधीक्षक एसटीएफ फील्ड यूनिट नोएडा के पर्यवेक्षण में तथा पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा 12 फरवरी 2026 को सूचना प्राप्त हुई कि थाना कविनगर में दर्ज मुकदमे से संबंधित इनामी अपराधी वर्तमान में मधुबनी क्षेत्र में छिपा हुआ है। सूचना का सत्यापन कर टीम ने कार्रवाई करते हुए अभियुक्त को हिरासत में लिया और विस्तृत पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया।

अपराध की पृष्ठभूमि

पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि उसने कक्षा 9 के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी और रोजगार की तलाश में वर्ष 2012 में मुंबई चला गया था। मुंबई में एक घर में नौकरी के दौरान उसने अपने साथियों के साथ मिलकर लगभग 3 लाख रुपये नकद और जेवरात की चोरी की थी, जिसमें उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। जेल से छूटने के बाद दिसंबर 2012 में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर थाना कविनगर क्षेत्र में एक मकान से लगभग 50 लाख रुपये नकद और सोने चांदी के जेवरात चोरी किए थे।

इसके अतिरिक्त वर्ष 2015 में मधुबनी बिहार में मोटरसाइकिल चोरी के मामले में भी उसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ था। दिल्ली के नारायणा क्षेत्र में वर्ष 2015 में 8 लाख रुपये और जेवरात की डकैती तथा न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी क्षेत्र में 2 लाख रुपये और आभूषणों की डकैती की घटना में भी वह शामिल रहा। इन मामलों में उसके खिलाफ संबंधित थानों में गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हुए।

वर्ष 2017 में कोलकाता में भी 5 लाख रुपये और जेवरात की डकैती में शामिल होने पर उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। सजा पूरी करने के बाद वह वर्ष 2024 में जेल से बाहर आया और पुनः संगठित गिरोह के साथ अपराध में सक्रिय हो गया। फरवरी 2025 में नोएडा सेक्टर 61 क्षेत्र में एक मकान में घुसकर 5 लाख रुपये और जेवरात की चोरी की घटना में भी उसकी संलिप्तता पाई गई थी।

गिरोह की कार्यप्रणाली

जांच में यह तथ्य सामने आया है कि अभियुक्त अपने साथियों के साथ संगठित रूप से घरों में चोरी और डकैती की घटनाओं को अंजाम देता था। गिरोह का एक सदस्य पहले घर में नौकर बनकर काम करता और घर की स्थिति का आकलन करता था। घर खाली होने या वृद्ध व्यक्तियों के अकेले होने की स्थिति में अन्य साथियों को बुलाकर वारदात को अंजाम दिया जाता था। कई मामलों में लोगों को बंधक बनाकर डकैती की गई।

पंजीकृत मुकदमों का विवरण

अभियुक्त के विरुद्ध विभिन्न राज्यों में कुल छह प्रमुख मुकदमे दर्ज पाए गए हैं, जिनमें गाजियाबाद, मधुबनी बिहार, दिल्ली, कोलकाता और गौतमबुद्धनगर में पंजीकृत गंभीर धाराओं के प्रकरण शामिल हैं।

विधिक कार्रवाई

गिरफ्तार अभियुक्त को थाना कविनगर जनपद गाजियाबाद के मुकदमा अपराध संख्या 1630/12 धारा 380/411 भादवि में दाखिल किया गया है। आगे की विधिक कार्रवाई स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है।